रबी की बोआई के दौरान खासकर फॉस्फेटिक उर्वरक की कमी दिखने लगी है। बाजारों में तो ऊंचे दामों पर बेचने की शिकायतें भी आने लगी हैं। हालांकि कृषि व राजस्व विभाग कि टीम ऐसे दुकानदारों को चिन्हित कर कार्रवाई में जुटा है। इतना ही नहीं समितियों पर मांग के सापेक्ष करीब 33 फीसदी ही पीसीएफ गोदाम से समितियों को उर्वरक उपलब्ध हो सका है। उधर, मंगलवार को सीडीओ प्रवीण वर्मा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर दो दिनों के अंदर सभी समितियों पर उर्वरक पहुंचाने का निर्देश देते हुए ऐसा नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी है।
जिले में कुल 160 सहकारी समितियां सक्रिय हैं। समितियों की ओर से कुल 1504 मी. टन डीएपी व 197 मी. टन यूरिया की डिमांड के सापेक्ष मंगलवार तक पीसीएफ गोदाम से 550 मी. टन डीएपी व 10 मी. टन यूरिया ही समितियों को मिल सका है। अधिकारियों की मानें तो पीसीएफ गोदाम में अभी भी 2480 मी. टन डीएपी उपलब्ध है। हालांकि इसको लेकर सीडीओ ने पीसीएफ अधिकारियों के पेंच कसते हुए चेतावनी दी है।
दो दिनों में सभी समितियों पर पहुंच जाएगी खाद
बलिया। जिला कृषि अधिकारी विकेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में पीसीएफ के गोदाम में 2480 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है, जो समिति एवं पीसीएफ के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण समितियों पर उपलब्ध नहीं करायी जा सकी थी। अब हड़ताल खत्म हो गई है। जिला प्रशासन की ओर से दो दिनों के अंदर सभी समितियों पर डीएपी उपलब्ध हो जाएगी। अन्यथा की स्थिति में सम्बन्धित की जवाबदेही तय करते हुए कड़ी कार्रवाई होगी।