जिला अस्पताल के सीएमएस के निलंबन की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में गिरफ्तारी देने जाते छात्र?
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पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के तत्वावधान में छात्रों ने जिला अस्पताल के सीएमएस के निलंबन की मांग को लेकर जेल भरो आंदोलन के तहत कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने छात्रनेताओं को गिरफ्तारी कर निजी मुचलके पर छोड़ दिया।
जिला अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार सहित अन्य मांगों को लेकर विगत दिनों छात्रनेताओं ने टीडी कॉलेज चौराहा पर आमरण अनशन किया था। इसके बाद भी छात्रनेताओं की मांग पूरी न होने पर छात्रों ने जिले में छात्र कर्फ्यू भी लगाया था। 10 सितंबर को जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रुप में वार्ता करने पहुंचे तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट नागेंद्र सिंह ने छात्रों को आश्वासन दिया था कि जिला अस्पताल के चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस तथा जांच और दवा अस्पताल परिसर से ही मरीजों को मुहैया कराई जाएगी। साथ ही जिला अस्पताल के सीएमएस को निलंबन का भी आश्वासन दिया था। लेकिन आज तक न तो चिकित्सकों की प्राइवेट प्रैक्टिस ही बंद हो सकी और न ही सीएमएस का निलंबन ही हुआ। इससे क्षुब्ध होकर छात्रों ने बुधवार को टीडी कॉलेज से जेल भरो आंदोलन के तहत जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इस दौरान उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे साफ जाहिर होता है कि जिला प्रशासन सीएमएस को बचाने का प्रयास कर रहा है। वहीं चिकित्सकों द्वारा सुबह सात से दस बजे तक अपने आवास पर मरीजों से देखन का काम बदस्तूर किया जा रहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सक कमीशन वाली दवाएं धड़ल्ले से लिख रहे हैं। जबकि जिला अस्पताल में सरकार द्वारा सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। लेकिन कमीशन के चलते चिकित्सक द्वारा बाहर की दवाएं और जांच लिखी जा रही है। जिसके चलते आए दिन लोग शोषण का शिकार हो रहे हैं। इस दौरान छात्रों ने कलेक्ट्रेट परिसर में अपनी गिरफ्तारी भी दी। जहां नगर मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार तथा सीओ सिटी भूषण वर्मा ने गिरफ्तार सभी छात्रनेताओं को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। इस मौके पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक पांडेय, शिप्रांत सिंह, आदित्य प्रताप सिंह, सिंटू यादव, सूरज गुप्ता, यशजीत सिंह, नितेश यादव, प्रवीण सिंह, धनजी यादव, रिंशु पांडेय आदि रहे।