बेल्थरारोड। पिछले कई दिनों तक सरयू के जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहने के बाद सोमवार की सुबह नदी की प्रकृति में स्थिरता आ गई, जो शाम तक जारी रही। जलस्तर स्थिर होने से तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोगों ने फिलहाल राहत की सांस ली है। हालांकि नदी का पानी लाल निशान से 72 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है, फिर भी जलस्तर में स्थिरता से बाढ़ की संभावना टल गई है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, सोमवार की सुबह जलस्तर 64.730 मीटर पर स्थिर हो गया। लाल निशान 64.010 मीटर है। उफनाई सरयू नदी के तेवर तल्ख हो गए हैं। तुर्तीपार मल्लाह बस्ती, दलित बस्ती, माली बस्ती में पानी पहुंच गया है। तटवर्ती ग्रामों की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। चैनपुर गुलौरा से हल्दीरामपुर तक कई किलोमीटर विस्तृत भू-भाग में बाढ़ का पानी फैल गया है। इससे पशुओं के चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। टंगुनिया के राजभर बस्ती के निकट से होकर नदी का पानी बह रहा है। जलस्तर में स्थिरता के बाद यदि घटाव का क्रम शुरू हो गया तो कुछ हद तक फसलों की बर्बादी कम हो सकती है। फसलों को डूबकर बर्बाद होते देख किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभरने लगी हैं।