बलिया। उत्तर प्रदेशीय प्रजापति महासभा के पदाधिकारियों ने बुधवार को विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। इस दौरान पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
धरना सभा को संबोधित करते हुए पूर्वांचल प्रभारी रामप्रवेश प्रजापति ने कहा कि आज तक उप्र में जितनी भी सरकार बनी, उसने प्रजापति समाज को उपेक्षित रखा। प्रजापति समाज सामाजिक आर्थिक एवं राजनीतिक रूप से पिछड़ेपन को देखते हुए कुम्हार समाज को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाना चाहिए। कहा कि प्रजापति कुम्हार को शिल्पकार कहा जाता है, जो शिल्पकार के नाम से सरकार की अनुसूचित जाति की सूची में 65वें नंबर पर अंकित है। मांग की कि प्रत्येक गांव में पांच एकड़ भूमि कुम्हारों के नाम से सुरक्षित हो, कुम्हारों को बर्तन बेचने के लिए महानगरों, नगरपालिका एवं नगर पंचायत में मंडी की स्थापना हो, कुम्हारों को बर्तन बनाने व पकाने के लिए कुम्हारों के नाम से आवासीय पट्टा दिया मिले, जिले के कुम्हारों को तत्काल एक हजार इलेक्ट्रिक चाक उपलब्ध कराया जाए, इलेक्ट्रिक चाक चलाने के लिए कुम्हारों को न्यूनतम दर पर बिजली उपलब्ध कराई जाए। चेताया कि यदि हम लोगों की मांगों को सरकार नहीं मानती है तो हम लोग सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करने के लिए बाध्य होंगे। धरना देने वालों में श्रीराम प्रजापति, जितेंद्र प्रजापति, मोतीचंद्र प्रजापति, अशोक प्रजापति, डॉ. सत्यप्रकाश प्रजापति, अजय प्रजापति, प्रदीप प्रजापति, शिवशंकर प्रजापति, महिपाल प्रजापति, कन्हैया प्रजापति, ओमप्रकाश प्रजापति, अविनाश प्रजापति आदि रहे।