बलिया। शहरवासियों को भी हरियालीयुक्त स्वस्थ वातावरण देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से की ओर से शहर के आसपास नगर वन बनाने के लिए नियमों में कई छूट दी गई है। अब शहर या उसकी सीमा से पांच किमी के दायरे में भी न्यूनतम एक हेक्टेयर भूमि में इसे स्थापित किया जा सकता है। शहर या उक्त दायरे में वन विभाग के पास अपनी भूमि तो नहीं है, लेकिन नगर वन का स्थापना के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी और संबंधित अधिशासी अधिकारी से भूमि मांगी गई है। भूमि मिलने के बाद इस योजना पर कार्य शुरू किया जाएगा।
बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए केंद्र सरकार ने शहरी क्षेत्रों में भी जैव विविधता संरक्षण के लिए शहरों में नगर वन विकसित करने का निर्णय लिया था। नगर वन योजना में शर्त थी कि नगरीय निकाय सीमा में 10 से 50 हेक्टेयर के बीच रिजर्व फारेस्ट की जमीन होनी चाहिए। योजना के तहत पांच सालों में देशभर में दो सौ नगर वन विकसित किए जाने थे। शहर की सीमा में इतनी भूमि नहीं होने से योजना परवान नहीं चढ़ पाई थी। इधर, कोविड-19 के कारण आक्सीजन की किल्लत ने पर्यावरण की ओर से फिर से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। इसे देखते हुए नगर वन की स्थापना की गाइड लाइन में कई ढील दी गई है। अब शहर या शहर की सीमा से पांच किमी के दायरे न्यूनतम एक हेक्टेयर भूमि मिलती है तो नगर वन या नगर वाटिका की स्थापना की जा सकती है। जनपद के शहर क्षेत्रों में रिजर्व फारेस्ट की भूमि तो नहीं है लेकिन इसकी स्थापना के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी और नगरपालिका तथा नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी से आवश्यक भूमि की उपलब्धता के बारे में जानकारी मांगी गई है। भूमि उपलब्ध होने पर इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।