बलिया। जिले में डीएपी की रैक आने के बाद प्रशासनिक अमला वितरण में जुटा हुआ है। सोमवार को रैक से लगभग 100 से अधिक साधन समितियों पर 800 एमटी डीएपी व 300 एमटी एनपीके पहुंच गया था। समितियों पर वितरण भी शुरू हो गया है। डीएपी के लिए समितियों पर किसानों की लंबी कतार सुबह से ही लगी रही। इसको लेकर समिति के कर्मचारी व किसानों के बीच नोकझोंक भी हुई। समितियों पर दानेदार डीएपी के अलावा नैनो डीएपी ले जाने के लिए कर्मचारी किसानों पर दबाव बनाते रहे। लेकिन अधिकांश किसान इसे लेने से इंकार करते रहे। जिले में 1185 एमटी डीएपी व एनपीके 892 एमटी उपलब्ध है। जबकि प्रशासन ने 2600 एमटी डीएपी की मांग की थी। ऐसे में डीएपी की कमी से वितरण की दिक्कत होगी। जिले में 169 समितियां हैं। शासन से डीएपी कम मिलने के कारण 23 समितियों पर खाद नहीं पहुंच पाएगी।
चितबड़ागांव की सहकारी समिति पर किसानों ने डीएपी वितरण की सूचना पर खाद के लिए सुबह से ही कतार लगा दी। वितरण के दौरान डीएपी के साथ नैनो डीएपी देने पर किसानों ने लेने से मना कर दिया। समिति पर किसानों ने खाद वितरण की सूचना पाकर लंबी लाइन लगा दी। खाद वितरण आरंभ होने पर डीएपी के साथ नैनो डीएपी लेने से किसानों ने इंकार कर दिया।
केंद्र प्रभारी विकास के समझाने पर कुछ किसानों ने डीएपी के साथ नैनो डीएपी भी लिया लेकिन अधिकांश किसान नकार गए। केंद्र प्रभारी ने बताया कि केंद्र पर कुल 500 पैकेट डीएपी व नैनो डाई खाद पहुंचा है। किसानों ने बताया कि यूरिया लेने पर नैनो यूरिया और डीएपी लेने पर नैनो डीएपी जबरन दिया जा रहा है। हम लोग नैनो डीएपी या नैनो यूरिया नहीं लेना चाहते हैं।