नगर के टाउन हाल बापू भवन परिसर में लोकनायक जयप्रकाश नारायण स्मारक समिति की ओर से जयप्रकाश नारायण की जयंती सोमवार को मनाई गई। गीतकार शिवजी पांडेय रसराज ने मां भारती की वंदना प्रस्तुत की। डॉ. संतोष गुप्ता ने जेपी जयंती की स्मृति में जेपी के भइले जनमवा सोहर गीत प्रस्तुत किया। उपस्थित लोगों ने जयप्रकाश नारायण के चित्र पर पुष्पांजलि किया।
लोकतंत्र सेनानी धर्मराज सिंह ने कहा कि जयप्रकाश नारायण को 1967 में निर्विरोध राष्ट्रपति का पद दिया जा रहा था। उन्होंने उस पद को ठुकरा दिया। पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी ने कहा कि आज के दौर में आजादी की तीसरी लड़ाई लड़ने की जरूरत है। जेपी ने जात-पात के विरूद्ध कार्य किया, लेकिन आज के प्रधानमंत्री को चुनावों में जाति बतानी पड़ती है। पूर्व मंत्री नारद ने कहा कि आज का दौर भी आपातकाल जैसा है। बोलने की आजादी का हनन किया जा रहा है। पांडेय गोविंद ने कहा कि जयप्रकाश नारायण न सिर्फ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे बल्कि वे एक कवि थे। आज के युवा पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। विश्राम यादव ने कहा कि जेपी ने 74 के उम्र ऐसा आंदोलन चलाया कि सरकार ही बदल गई। विश्राम सिंह ने कहा कि जेपी ने देश की दशा और दिशा बदलने का काम किया। सपा जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव ने कहा कि जेपी ने किसानों, मजदूरों और छात्रों के हित के लिए आंदोलन किया था। पूर्व विधायक सुुधीर राय, अशोक, मंटू साहनी, सोनूदेव यादव, रामजी गुप्ता, फतेहचंद बेचैन, राहुल यादव, प्रभुनाथ यादव रहे। जेपी स्मारक समिति के अध्यक्ष ने आभार प्रकट किया।