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छमाही परीक्षाओं का पता नहीं, वार्षिक पर भी संकट

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बलिया। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अभी तक अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं का आयोजन नहीं हो सका है। जबकि शिक्षण सत्र बीतने में केवल तीन माह बचे हैं। ऐसे में अर्द्धवार्षिक परीक्षा को लेकर शिक्षकों और विद्यार्थियों में ऊहापोह की स्थिति बन गई है। वहीं, कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते वार्षिक परीक्षा पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
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जिले में 2250 परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इसमें 1598 प्राथमिक विद्यालय, 260 उच्च प्राथमिक विद्यालय तथा 392 कंपोजिट विद्यालय (कक्षा एक से आठ तक) शामिल हैं। इन विद्यालयों में तीन लाख 19 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। आमतौर पर इन विद्यालयों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं का आयोजन अक्तूबर या नवंबर माह में हो जाता था, लेकिन इस बार परीक्षाओं के बारे में शासन स्तर से कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। इस वजह से परिषदीय विद्यालयों में छमाही परीक्षाओं का आयोजन नहीं हो सका है। 31 दिसंबर से विद्यालयों में 15 दिन का शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है, जो 14 जनवरी तक चलेगा। ऐसे में छमाही परीक्षा के बारे में विद्यार्थियों और शिक्षकों में असमंजस की स्थिति है। छमाही परीक्षाओं का आयोजन पिछले साल भी कोरोना की वजह से नहीं हो सका था। इस बार अभी तक परीक्षा के संबंध में कोई दिशा-निर्देश नहीं आया है। छमाही परीक्षाओं का आयोजन नहीं होने से बच्चों के अधिगम स्तर का आंकलन करना मुश्किल होगा। ऐसे में दो वर्षों से कक्षा एक से आठवीं के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा दिए प्रमोट करना पड़ रहा है। लगातार तीसरे वर्ष भी हालात ऐसे ही बन रहे हैं। ऐसे में छमाही परीक्षाओं का आयोजन नहीं होने से बच्चों को प्रमोट करने का कोई आधार नहीं रहेगा।
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छमाही परीक्षा के आयोजन के संबंध में अभी तक कोई दिशा निर्देश नहीं मिला है। शासन के निर्देश का पालन कराया जाएगा। वार्षिक परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम के मुताबिक अध्यापन कराया जा रहा है।
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-शिवनारायन सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बलिया।
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