बलिया। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के नाम पर बाढ़ विभाग में 25 लाख रुपए के फर्जीवाड़े का मामला सुर्खियों है, लेकिन इसका दायरा काफी बड़ा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो इलेक्ट्रानिक उपकरणों की खरीद में 65 लाख का घपला हुआ है। 25 लाख के घोटाले में तो सामान का मूल्य दोगुना दिखाकर दोयम दर्जे के सामान की आपूर्ति ली गई लेकिन इससे इतर करीब 40 लाख रुपए का भुगतान विभाग द्वारा कागजों पर करने का आरोप है। इसके एवज में न तो सामानों की आपूर्ति हुई और न ही उसका कोई लेखाजोखा रखने की जहमत विभाग ने उठाई। शिकायत की सुगबुगाहट भुगतान से संबंधित 144 नंबर की मेजरमेंट बुक को भी गायब कर दिया गया।
थम्हनपुरा गंगहरा निवासी नागेंद्र सिंह की शिकायत पर बाढ़ विभाग में एसी, आरओ, कूलर, फ्रिज आदि इलेक्ट्रानिक उपकरणों की खरीद में 25 लाख के फर्जीवाड़े की जांच की गई थी। शिकायत सही मिलने पर भी मामले में कार्रवाई नहीं की गई थी। इस मामले में हाईकोर्ट के निर्देश पर अब कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं, विभागीय सूत्रों का कहना है कि इलेक्ट्रानिक उपकरणों की खरीद में 40 लाख का और फर्जीवाड़ा हुआ है। भुगतान तो कर दिया गया लेकिन सामानों की आपूर्ति ही नहीं हुई। इस मामले की भी शिकायत हुई तो 44 नंबर की मेजरमेंट बुक गायब कर दी गई। मामले को दबा दिया गया। अब 25 लाख के मामले कार्रवाई होने से इस प्रकरण में भी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। डीएम अदिति सिंह के निर्देश पर 25 लाख के प्रकरण में पूर्व अधिशासी अभियंता और पूर्व अवर अभियंता से रिकवरी की तैयारी चल रही है।
इन सामानों की कागज पर हुई खरीद
एक गोदरेज डाइनिंग कुर्सी टेबल, 2 आरओ मशीन, 2 फ्रीज, 2 एलईडी टीवी, 7 इनवर्टर बैट्री, 10 इनवर्टर, 8 कूलर, 4 एसी, तीन गोदरेज सोफा, 3 गोदरेज बेड और 4 गोदरेज आलमारी आदि सामान।
इस मामले की भी मामले की व्यापक स्तर पर जांच कराई जाएगी। गड़बड़ी सामने आने और उसमें संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ कारवाई की सिफारिश के साथ ही दोषियों से रिकवरी के लिए पत्र लिखा जाएगा। - भानु प्रताप सिंह, अधीक्षण अभियंता, बाढ़ नियंत्रण विभाग बलिया