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‘सिंहासन खाली करो जनता आती है’ लोकनायक की पुण्यतिथि आज

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जयप्रकाश नगर। समाजवाद के पुरोधा एवं संपूर्ण क्रांति के अग्रज जयप्रकाश नारायण की पुण्यतिथि शुक्रवार को सिताबदियारा में मनाई जाएगी। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। जिलेवासी उन्हें नमन कर श्रद्धांजलि देंगे।
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अपने जीवन में संतों जैसा प्रभामंडल सिर्फ दो नेताओं ने प्राप्त किया। एक महात्मा गांधी थे तो दूसरे जयप्रकाश नारायण। इसलिए जब सक्रिय राजनीति से दूर रहने के बाद वे 1974 में ‘सिंहासन खाली करो जनता आती है’ के नारे के साथ वे मैदान में उतरे तो सारा देश उनके पीछे चल पड़ा, जैसे किसी संत महात्मा के पीछे चल रहा हो। 11 अक्तूबर 1902 को जन्मे जयप्रकाश नारायण भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता थे। वे समाज सेवक थे, जिन्हें ‘लोकनायक’ के नाम से भी जाना जाता है। 1999 में उन्हें मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त उन्हें समाजसेवा के लिए 1965 में मैगसैसे पुरस्कार प्रदान किया गया था। लोकनायक जयप्रकाश की जीवन यात्रा संघर्ष तथा साधना से भरपूर रही। उन्होंने भारतीय राजनीति को ही नहीं बल्कि आम जनजीवन को एक नई दिशा दी, नए मानक गढ़े। वे विदेशी सत्ता से देशी सत्ता, देशी सत्ता से व्यवस्था, व्यवस्था से व्यक्ति में परिवर्तन और व्यक्ति में परिवर्तन से नैतिकता के पक्षधर थे। वे समूचे भारत में ग्राम स्वराज्य का सपना देखते थे और उसे आकार देने के लिए अथक प्रयत्न भी किए। जयप्रकाश नारायण को 1970 में इंदिरा गांधी के विरुद्ध विपक्ष का नेतृत्व करने के लिए जाना जाता है। इंदिरा गांधी को पदच्युत करने के लिए उन्होंने ‘संपूर्ण क्रांति’ नामक आंदोलन चलाया। संपूर्ण क्रांति की तपिश इतनी भयानक थी कि केंद्र में कांग्रेस को सत्ता से हाथ धोना पड़ गया था। जयप्रकाश नारायण की हुंकार पर नौजवानों का जत्था सड़कों पर निकल पड़ता था। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर लोकनायक जेपी के विचारों के बेहद नजदीक थे। इसी कारण जेपी से जुड़े कार्यक्रमों में वे जीजान से जुटे रहते थे। जयप्रकाश नारायण स्मारक, प्रतिष्ठान के व्यवस्थापक अशोक सिंह बताया कि एक बार जयंती के चलते चंद्रशेखरजी ने अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में जाने से मना कर दिया था। अशोक सिंह बताया कि आठ अक्टूबर 1979 का वह दिन, जब जेपी के निधन की सूचना उनके गांव पहुंची थी। तब सिताबदियारा का कोना-कोना रो पड़ा था। पूर्व पीएम चंद्रशेखर के प्रयासा जयप्रकाशनगर में जेपी के नाम पर संग्रहालय, पुस्तकालय, इन्की पत्नी के नाम पर प्रभावती देवी राजकीय इंटर कालेज आदि है।
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