बलिया। जिले में धान खरीद को लेकर प्रशासनिक दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है। क्रय केंद्रों पर मनमानी के कारण किसान धान बेचने के लिए भटकने को मजबूर है। कोई न कोई बहाना बनाकर किसानों को टरकाने का काम किया जा रहा है जबकि अधिकारियों की कृपा से बिचौलिए चांदी काट रहे हैं। उधर, सरकार ने धान खरीद को लेकर एक बार फिर व्यवस्था में बदलाव करते हुए ऑनलाइन टोकन सिस्टम लागू कर दिया। इसके चलते किसान से लेकर अधिकारी तक परेशान हैं। जिले में निर्धारित लक्ष्य 124400 मीट्रिक टन के सापेक्ष अब तक कुल 34110 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है।
क्रय केंद्रों पर बिचौलिए के दखल को रोकने के लिए शासन ने चार दिनों पहले ऑनलाइन टोकन व्यवस्था लागू किया। शुरूआत में भी यह व्यवस्था ही लागू थी, लेकिन कम संख्या में किसानों के आने के चलते इसे बंद कर दिया गया था। जब केंद्रों पर किसानों की भीड़ होने लगी तो ऑनलाइन टोकन व्यवस्था लागू हुई। लेकिन जब इसका विरोध शुरू हुआ तो गुरुवार को एक बार फिर ऑनलाइन टोकन व्यवस्था लागू कर दी गई। इसके चलते किसान से लेकर अधिकारी तक परेशान हैं। उधर, इस ऊहापोह का लाभ बिचौलिए धड़ल्ले से उठा रहे हैं। नगरा समेत कई क्षेत्रों में बिचौलिए कम भाव पर किसानों से धान खरीद कर क्रय केंद्रों पर खपाने का काम कर रहे हैं। इसमें खासकर संबद्ध मिलरों की ओर से खेल किया जा रहा है। इसको लेकर अब किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। किसानों का कहना है कि ऑनलाइन टोकन जारी होता है और कुछ ही देर बाद निरस्त भी कर दिया जाता है।
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16 मिले ब्लैक होने से भी मुसीबत
जिले के 16 मिल अभी भी ब्लैक लिस्टेड हैं। इसके चलते कई क्रय केंद्रों पर धान का उठान समय से नहीं हो पा रहा है। जिला विपणन अधिकारी की मानें तो इसके चलते परेशानी हो रही है।
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पिछले एक पखवारा से धान बेचने के लिए दौड़ रहे हैं। दो बार टोकन बना और खुद ही निरस्त हो गया। क्रय केंद्र पर प्रभारी कह रहे हैं कि अभी खरीद नहीं होगा। हम कहां जाएं।
- अवधेश सिंह
जब भी टोकन बनता है दूसरे ही दिन निरस्त हो जाता है। नगरा क्षेत्र के अधिकांश क्रय केंद्रों पर ताला लगा रहता है। बिचौलिए सस्ते दामों पर मांग रहे हैं। धान कहां बेचें समझ नहीं आ रहा।
- शत्रुुंजय चौबे
नगरा क्षेत्र में धान की खरीद व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। किसान धान बेचने के लिए भटक रहे हैं और बिचौलिए के धान चुपके से खरीद की जा रही है।
- रजनीश सिंह
धान खरीद एक तमाशा बन कर रह गया है। किसानों के नाम पर बिचौलिए के ही धान खरीदे जा रहे हैं। उनके टोकन भी बन जा रहे जबकि किसानों का टोकन निरस्त हो जा रहा है।
- राम बदन यादव
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धान खरीद को लेकर पुन: ऑनलाइन टोकन व्यवस्था लागू हो गई है। खरीद का कार्य केंद्रों पर चल रहा है। बिना टोकन के कहीं भी खरीद संभव नहीं है। जहां से शिकायत मिलेगी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- अविनाश चंद्र सागरवाल, जिला विपणन अधिकारी, बलिया।