फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम के आने से पहले तक लगता रहा एनएच-31 पर पैबंद

विज्ञापन
विज्ञापन
बलिया। जनपद के नागरिक भले रोजाना खस्ताहाल सड़कों पर हिचकोले खाएं, लेकिन मुख्यमंत्री को झटके नहीं लगने चाहिए। इसकी बानगी देखने को मिली शुक्रवार को मुख्यमंत्री के आगमन पर। सीएम के आगमन की तैयारी में जुटा जिला प्रशासन एनएच-31 की आधे घंटे पहले तक मरम्मत करता दिखा। विभाग की इस कार्यशैली को लेकर चर्चा का बाजार गरम रहा।
विज्ञापन

पिछले आठ वर्ष से जिले में कोटवां नारायनपुर से मांझी तक करीब 90 किमी लंबे एनएच-31 की हालत जर्जर है। अधिकांश जगहों पर तो ध्वस्त हो चुकी हैं। शहर में तो इसकी हालत काफी बुरी है। बरसात में स्थिति नारकीय हो जाती है। एनएच-31 की मरम्मत को लेकर एनएचएआई की ओर से गाजीपुर से मांझी घाट तक जून 2020 में 102 करोड़ का टेंडर किया गया था। एक साल में कार्य पूरा करना था। बैरिया से मांझी घाट तक के लिए कार्य शुरू हुआ भी लेकिन अधूरा छोड़ दिया गया। बैरिया में करीब 20 किमी की दूूरी में मरम्मत कार्य कराया गया है, लेकिन वहां भी सड़क की गिट्टी उखड़ने लगी है। इसकी जांच की मांग उटने लगी है। शहरी क्षेत्र में इस मार्ग की खस्ता हालत तो जिला प्रशासन को कभी दिखाई नहीं दी। इस पर शहरवासियों और यात्रियों को होने वाली दिक्कत भी नजर नहीं आई। जब शुक्रवार को सीएम जनपद में पहुंचने वाले थे तो आधे घंटे पहले तक आवागमन के मार्ग पर पैबंद लगाने का काम ठेकेदार ने जरूर किया। इससे यह कार्य चर्चा की विषय बना रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें