बलिया। जिले में 16 से 30 सितंबर तक ‘‘आपके द्वार आयुष्मान 2.0‘‘ अभियान चलाया जायेगा, ताकि लक्ष्य के सापेक्ष कम से कम 70 फीसदी परिवारों तक आयुष्मान कार्ड पहुंच जाए। इसके लिए वंचित लाभार्थी परिवारों तक बुलावा पर्ची भेजी जायेगी और प्रेरित कर कार्ड बनवाया जायेगा।
उक्त जानकारी देते हुए कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार तिवारी ने बताया कि अभियान के दौरान पंचायती राज विभाग से जुड़े जनप्रतिनिधियों और शहरी क्षेत्र में नगर निकाय से जुड़े जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जायेगा। शहरी क्षेत्र में वार्ड के नोटिस बोर्ड तथा ग्रामीण क्षेत्र में गांव के नोटिस बोर्ड पर लाभार्थियों की सूची चस्पा की जायेगी और कैंप से पूर्व आशा कार्यकर्ता लाभार्थी परिवार को सूचना देंगी।
कैंप से एक दिन पूर्व आशा कार्यकर्ता या क्षेत्रीय कार्यकर्ता द्वारा लाभार्थी परिवार के मुखिया के नाम से तैयार बुलावा पर्ची उनके घर पहुंचायी जायेगी। बुलावा पर्ची पर नाम, कैंप का स्थान और तिथि अंकित रहेगी। अभियान में पंचायती राज विभाग, ग्राम्य विकास विभाग और बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग का सहयोग लिया जायेगा। प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर वहां के अधीक्षक व चिकित्सा अधिकारी की निगरानी में नोडल टीम भी गठित होगी जो सुनिश्चित करेगी कि कैंप स्थल पर कार्ड बनाने की टीम समय से उपस्थित हो।
कैंप स्थल पर भी लक्षित लाभार्थी परिवारों की सूची चस्पा रहेगी। कैंप का आयोजन किसी ऐसे सार्वजनिक स्थान जैसे पंचायत भवन, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक विद्यालय आदि पर किया जायेगा, जहां बिजली, पानी आदि की व्यवस्था हो। कैंप स्थल पर मास्क लगाकर आना है और दो गज की दूरी के नियम का भी पालन करना है।
2.21 लाख में से 92356 परिवारों का बना है कार्ड
बलिया। योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि जिले में करीब 2.21 लाख से अधिक लाभार्थी परिवारों के सापेक्ष 92356 परिवार ऐसे हैं जिनके किसी न किसी सदस्य के पास आयुष्मान कार्ड उपलब्ध है। अभियान का उद्देश्य छूटे हुए सभी परिवारों का कार्ड बनाना है।
आयुष्मान के तहत जिले में 25 अस्पताल हैं चयनित
बलिया। योजना के जिला सूचना प्रबंधक अमित पाठक ने बताया कि 26 जुलाई से 12 अगस्त तक आयुष्मान पखवाड़ा मनाया गया था, जिसमें 12277 आयुष्मान कार्ड बनाये गये थे। जिले में योजना से संबद्ध 25 अस्पताल हैं, जिनमें 12 सरकारी अस्पताल और 13 निजी अस्पताल शामिल हैं। आयुष्मान कार्ड के साथ इन अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों का एक वर्ष में पांच लाख तक का नि:शुल्क इलाज हो सकेगा। जिनके पास कार्ड होगा, वह देश के किसी भी हिस्से के संबद्ध अस्पताल में इलाज की यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।