बहराइच। गंभीर रोगों से ग्रस्त बच्चों व बुजुर्गों को बेहतर इलाज के लिए शासन की ओर से वेंटीलेटर अस्पतालों को मुहैया कराए जाते हैं। जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज में पुराने वेंटीलेटर को दुरुस्त कर ही काम चलाया जा रहा है। वहीं पीडियाट्रिक वार्ड संचालन के लिए छह वेंटीलेटर की खरीद प्रक्रिया शुरू की गई है। इससे इनकी संख्या बढ़कर 113 हो जाएगी। मौजूदा समय में अस्पताल प्रशासन के पास 107 वेंटीलेटर है। इनमें छह खराब हैं। जिसे इंजीनियर भी दुरुस्त नहीं कर पाए।
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर सरकार के साथ जिला प्रशासन तैयारियों में लगा हुआ है। सरकार के मुताबिक तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक होगी। लेकिन अस्पतालों में व्यवस्थाएं अभी अधर में लटकी हुई हैं। जिला मुख्यालय पर महर्षि बालार्क मेडिकल कॉलेज संचालित है। इस अस्पताल में मंडल के चारों जिले के लोग मरीजों को दिखाने के लिए आते हैं। शासन की ओर से गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों को बेहतर इलाज के लिए वेंटीलेटर की सुविधा दी गई है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के पास मौजूदा समय में 107 वेंटीलेटर हैं। लेकिन इनमें छह वेंटीलेटर खराब हैं। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि अस्पताल में मौजूद वेंटीलेटर तीन कंपनी के हैं। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में छह वेंटीलेटर खराब हैं। जिसे दुरुस्त करने के लिए इंजीनियर आए थे, लेकिन काफी कोशिश के बाद भी छह वेंटीलेटर सही नहीं कराए जा सके हैं। सीएमएस ने बताया कि मरीजों की उपस्थिति के हिसाब से वेंटीलेटर काफी मात्रा में हैं। जिससे गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों को कोई दिक्कत नहीं होती है। उन्होंने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर समय-समय पर वेंटीलेटर की मांग शासन से की जाती है।
तीन कंपनी के हैं वेंटीलेटर
मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. अनिल के साहनी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में बीएचईएल कंपनी की ओर से वेंटीलेटर नहीं भेजा गया है। यहां पर बेल (भारत इलेक्ट्रानिक लिमिटेड), मेडिकेट और कुअगा कंपनी के वेंटीलेटर संचालित हैं। सभी बेहतर सेवाएं दे रहे हैं। जो वेंटीलेटर खराब हो जाते हैं, उन्हें इंजीनियरों की टीम से दुरुस्त कराया जाता है।
वेंटीलेटर पर बच्चों का होता है बेहतर इलाज
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एहतिशाम अली ने बताया कि विभाग में गंभीर रोगों से ग्रसित बच्चों को ही वेंटीलेटर पर रखा जाता है। वार्ड में मौजूद वेंटीलेटर पर सभी बच्चों का बेहतर इलाज हो रहा है। वेंटीलेटर पर इलाज के दौरान वजन को लेकर दिक्कत नहीं आ रही है।
छह वेंटीलेटर की हो रही खरीद
मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक वार्ड को और बेहतर बनाने के लिए छह वेंटीलेटर लोकल परचेज कर खरीदे जाएंगे। इसके लिए लिखा पढ़ी हो गई है। छह और वेंटीलेटर आने से इनकी संख्या 113 हो जाएगी। जिससे बाल रोग विभाग के पीडियाट्रिक वार्ड का बेहतर संचालन हो सकेगा। -डॉ. ओपी पांडेय, सीएमएस