बहराइच। रीता ने शुरू से ही पुलिस को गुमराह किया, लेकिन एक जगह वह चूक गई। दरअसल, उसने खुद को बचाने के लिए पति का मोबाइल बरामद करा दिया। बस इसी के बाद से पुलिस को उस पर शक हो गया। इसी के तीन दिन बाद वहां से कुछ दूरी पर पति का शव भी बरामद करवा दिया तो पुलिस का शक यकीन में बदल गया। इसके बाद कड़ी पूछताछ में रीता ने जुर्म स्वीकार कर लिया।
कैसरगंज कोतवाली क्षेत्र के चुलंभा गांव निवासी रीता सिंह ने पति संतोष सिंह की हत्या बिल्कुल फिल्मी अंदाज में की। पहले बहला-फुसलाकर उसे मायके ले गई फिर वहां दारू पिलाई और मुर्गा खिलाया। संतोष जब नशे में डूब गया तो गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव ठिकाने लगा दिया फिर कैसरगंज कोतवाली पहुंचकर पति की गुमशुदगी दर्ज करा दी।
इसके आधे घंटे बाद ही अपहरण कर पति की हत्या की आशंका जताने लगती है। वह पुलिस को बताती है कि बाराबंकी जिले के सफेदाबाद में पति के साथ रहती थी। वहां से पति को गांव के लिए बस में बैठाकर भेजा था। जांच टीम का गठन भी नहीं हो पाया था कि रीता ने घटनास्थल के पास पहुंचकर मोबाइल बरामद होने की सूचना पुलिस को दे दी। तीन दिन बाद ही मोबाइल बरामद होने के स्थान से कुछ दूरी पर शव भी बरामद हो गया। इसकी सूचना भी रीता ने ही पुलिस को दी।