बहराइच। मतगणना से पहले वोटों का गुणा-भाग जातीय आधार पर किया जा रहा था। कयास लगाए जा रहे थे कि ब्राह्मणों का गढ़ कहे जाने वाले महसी में ब्राह्मण बटेंगे। सपा से ब्राह्मण प्रत्याशी केके ओझा को फायदा मिलने के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि, हो गया उल्टा। बीजेपी प्रत्याशी सुरेश्वर सिंह पर ब्राह्मणों ने वोटों की खूब बारिश की। वहीं, पयागपुर सीट पर बीजेपी के सुभाष त्रिपाठी की नैय्या हुजूरपुर के क्षत्रिय मतदाताओं ने पार लगाई।
मतगणना के रुझानों के मुताबिक, विशेश्वरगंज ब्लॉक में सुभाष त्रिपाठी की स्थिति बहुत खराब थी। पयागपुर ब्लॉक में भी कांटे की टक्कर मिली। यहां तक कि कई राउंड की मतगणना में सुभाष त्रिपाठी सपा प्रत्याशी मुकेश श्रीवास्तव से पीछे ही रहे, लेकिन जैसे ही हुजूरपुर ब्लॉक की मतगणना शुरू हुई सुभाष त्रिपाठी ने जीत दर्ज कर ली। हुजूरपुर ब्लॉक में जिले के सर्वाधिक क्षत्रिय रहते हैं। क्षत्रियों ने सुभाष त्रिपाठी के पक्ष में जबरदस्त वोटिंग की।
उधर, जिले में सर्वाधिक मतों से जीत का रिकॉर्ड बनाने वाले सुरेश्वर सिंह उस क्षेत्र से लड़े जहां एक लाख से अधिक ब्राह्मण मतदाता हैं। महसी सीट पर सपा से ब्राह्मण प्रत्याशी केके ओझा भी लड़ लड़ रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि ब्राह्मण उनके साथ रहेगा, लेकिन मामला उल्टा पड़ गया। केके ओझा का प्रयोग काम नहीं आया। ब्राह्मणों ने बीजेपी को ही चुनना बेहतर समझा। महसी क्षेत्र से बीजेपी के सुरेश्वर सिंह ने रिकॉर्ड 54 फीसदी वोट हासिल किए।