फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से 82 सेंटीमीटर ऊपर पहुंची सरयू

विज्ञापन
विज्ञापन
महसी/कैसरगंज/बौंडी। चार तहसीलों में बाढ़ की स्थिति भयावह है। जरवल में एल्गिन ब्रिज खतरे के निशान से 82 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। वहीं महसी, कैसरगंज, मोतीपुर और नानपारा तहसील के 125 गांवों में पानी अभी भी भरा हुआ है। ग्रामीण बाढ़ के बीच भूख मिटाने के लिए लंच पैकेट को तरस रहे हैं।
विज्ञापन

महसी तहसील में सरयू नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। तहसील क्षेत्र के 15 गांव से बाढ़ का पानी कम हो गया है। फिर भी क्षेत्र के 55 गांव में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। तहसील क्षेत्र के छत्तरपुरवा, सेमरही, कोनीपुरवा, रामदहिनपुरवा, लोधनपुरवा, मंगलपुरवा, चुरईपुरवा, कोढ़वा, नयापुरवा, नौवनपुरवा, भौंरी, धनावा, अंगरौरा, दुबहा, मल्लाहनपुरवा समेत अन्य गांवों में पानी भरा हुआ है। उधर मोतीपुर तहसील क्षेत्र के टिलवा, बड़खड़िया, मोगलहनपुरवा, जालिमनगर, मझरा समेत 40 गांव में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। कैसरगंज के जरवल में स्थित एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा ने बताया कि शुक्रवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 82 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। तहसील क्षेत्र के बभनानपुरवा, चमारनपुरवा, ग्यारह सौ रेती समेत अन्य गांवों में पानी भरा हुआ है। इसी तरह नानपारा तहसील क्षेत्र के बलहा और शिवपुर विकास खंड के 20 से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से बचाव के कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। ग्रामीणों के घरों में पानी भरा होने से लोग खाना तक नहीं बना पा रहे हैं। वहीं तहसील प्रशासन की ओर से लंच पैकेट भी नहीं वितरित किया जा रहा है।
विज्ञापन

उपजिलाधिकारी महसी एसएन त्रिपाठी ने बताया कि मिहींपुरवा विकास खंड के तीन बैराजों से शुक्रवार को चार लाख 29 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। यह पानी 24 घंटे में क्षेत्र में पहुंचेगा, जिससे जलस्तर बढ़ सकता है।
महसी तहसील क्षेत्र के कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। आवागमन न होने के चलते बाढ़ पीड़ित दाने-दाने को मोहताज हैं, उन्हें लंच पैकेट भी नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें