बहराइच। कांग्रेस नेता व पूर्वी यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा बृहस्पतिवार को लखीमपुर हिंसा में मरने वाले किसानों के परिवारों से मिलने जा रही थीं। उनका काफिला घाघराघाट पुल पर पहुंचा तभी प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। करीब पंद्रह मिनट तक नोकझोंक होती रही जिसके बाद उनके कहने पर पीएल पुनिया और नसीमुद्दीन सिद्दीकी के वाहन साथ जाने की इजाजत दी गई। इससे नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहीं पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। काफी देर बाद जाम खुल सका।
कांग्रेस नेता व पूर्वी यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा लखीमपुर के दौरे के बाद बृहस्पतिवार को दोपहर बहराइच के लिए लखनऊ से रवाना हुईं थीं। वह नानपारा और मटेरा में हिंसा में मारे गए किसानों के परिजनों से मिलने के लिए आ रही थीं। उनके साथ कांग्रेस नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी व पीएल पुनिया भी थे। उनका काफिला बहराइच-बाराबंकी की सीमा पर स्थित घाघराघाट पुल पहुंचा तभी प्रशासन ने काफिले को रोक लिया जिसके बाद नोकझोंक शुरू हो गई। करीब पंद्रह मिनट तक कहासुनी हुई। सिर्फ प्रियंका के वाहन को रवाना किया जा रहा था। तभी एडीएम मनोज कुमार से प्रियंका ने कहा कि मेरे साथ वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी व पीएल पुनिया भी हैं। उनको आने दीजिए जिसके बाद उनके वाहनों को भी आने दिया गया।
मृतक किसानों के परिजनों से मिलने जा रही कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के साथ काफी संख्या में लोग थे। जिले में धारा 144 लागू है। ऐसे में वाहनों को रोका गया, लेकिन उनके कहने पर साथ जाने वाले वाहनों को छोड़ दिया गया। किसी तरह की विवाद की स्थिति नहीं रही।
- मनोज कुमार, एडीएम, बहराइच