बहराइच। मिहींपुरवा ब्लॉक क्षेत्र में हो रही सहफसली खेती देखने उद्यान व अन्य विभागों के अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने क्षेत्र के किसान मलकीत सिंह चीमा की सहफसली गन्ने के साथ हल्दी की खेती को किसानों को भी दिखाया। किसानों को सहफसली खेती कर आय बढ़ाने के बारे में जानकारी दी गई। उद्यान विभाग के आरके वर्मा व डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी दबीर हसन ने सहफसली खेती देखी। आरके वर्मा ने बताया कि गन्ने से गन्ने के बीच की दूरी तीन मीटर रखने से सहफसली खेती की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि गन्ने की सहफसली खेती के रूप में लौकी, तरोई, हल्दी, अदरक, लहसुन व मसूर की बोआई की जा सकती है। मलकीत चीमा ने बताया कि इससे पहले टमाटर व लौकी की बोआई की थी। उत्पादन अच्छा रहा तो इस बार गन्ने के साथ सहफसली के रूप में हल्दी की खेती की है। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग की ओर से अनुदान पर दी जा रही ड्रिप सिंचाई से भी बहुत लाभ हुआ है। इस मौके पर किसान गुरवंत सिंह, मलिक सिंह, गुरदास सिंह, जोगा सिंह, हरकेश, गुरुसेवक सिंह आदि मौजूद रहे।