बहराइच। दीनापुरवा गांव में बीती नौ जुलाई को बीडीसी का अपहरण करने गए ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी के पति ने गनर की बंदूक की बट से हमला कर बीडीसी के जेठ की हत्या कर दी थी। पुलिस ने भाजपा बीडीसी प्रत्याशी के पति व गनर समेत पांच नामजद व छह अज्ञात के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन विवेेचक ने हत्या की धारा हटा दी। आरोप है कि ऐसा पैसा लेकर केस कमजोर करने की नीयत से किया गया है। इसे मृतक के परिजनों में गुस्सा है। शुक्रवार को परिजनों ने एसपी को पत्र देकर विवेचक बदलने की मांग के साथ न्याय दिलाने की आवाज उठाई।
खैरीघाट थाना क्षेत्र के दीनापुरवा गांव निवासी बीडीसी यदुराई देवी का नौ जुलाई की रात तब भाजपा ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी और अब ब्लॉक प्रमुख सरिता यज्ञसैनी के पति सुधीर यज्ञसैनी ने गनर के साथ अपहरण करने गए थे। इसका विरोध बीडीसी के जेठ मायाराम ने किया था तो ब्लॉक प्रमुख के पति ने गनर की बंदूक लेकर बट से जेठ पर वार कर दिया था जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। चुनावी माहौल होने के कारण मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने ब्लॉक प्रमुख पति व गनर समेत पांच नामजद व छह अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
मृतक के भाई राम सागर ने बताया कि 14 सितंबर को आरोपी की जमानत के लिए बहस की तिथि निर्धारित थी। पीड़ित ने बताया कि जब अधिवक्ता सिद्धनाथ श्रीवास्तव के साथ न्यायालय पहुंचा तो अधिवक्ता ने फाइल देखकर बताया कि पुलिस ने विवेचना के दौरान धारा 302 हटा दी है। पीड़ित ने विवेचक नानपारा कोतवाल संजय सिंह पर पैसे लेकर धारा परिवर्तित बदलने का आरोप लगाते हुए एसपी को पत्र सौंपा और मांग की कि विवेचक बदला जाए और न्याय दिलाया जाए। विवेचक संजय सिंह ने बताया कि जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए उनके हिसाब से विवेचना की जा रही है। जांच में हत्या की धारा हटाई गई है। अभी विवेचना चल रही है।