आरोप लगाया कि उसका बेटा जान मोहम्मद छह अक्तूबर को गांव में ही अपनी काॅस्मेटिक की दुकान पर बैठा हुआ था। तभी गांव का हिस्ट्रीशीटर जाकिर दुकान पर आकर बैठ गया। जिसने अपनी जेब से गांजे की पुड़िया निकालकर उसकी दुकान में डाल दी और चला गया।
इसके बाद दरोगा और तीन पुलिसकर्मी दुकान पर पहुंचे, जिन्होंने दुकान में रखी गई गांजे की पुड़िया निकालकर उसके बेटे को मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देकर अपने साथ ले जाने लगे। तभी उसके बेटे जान मोहम्मद ने दुकान में सीसीटीवी कैमरा लगा होने की बात कही तो पुलिसकर्मी वहां से चले गए।
यह भी पढ़ें: West UP News Live: सहारनपुर में घर मे घुसकर लूटपाट, परिवार से मारपीट, मंदिर में निकले सांप, दहशत
उन्होंने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के साथ रमाला थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। आरोप लगाया कि पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर जाकिर और मुस्तफा को बूढ़पुर रजबहे के पास गांजा तस्करी में गिरफ्तार दिखाकर जेल भेज दिया, जबकि उन्हें फंसाने की साजिश में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की।
शिकायतकर्ता ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उधर शिकायत मिलने पर एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने जांच कराई और सिपाही इंद्राज को निलंबित कर दिया।
दहशत में वादी पक्ष
मुस्ताक ने बताया कि उसके बेटे को गांजा तस्करी में फंसाने का मामला सामने आने के बाद से पूरा परिवार भयभीत है। उन्होंने परिवार के सदस्य की हत्या होने का भी खतरा जताया और एसपी से जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई।
मामला गंभीर है, जिसकी जांच कराई गई। जांच में दोषी मिले सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। गांजा तस्करी में गिरफ्तार किए गए दोनों तस्करों को जेल भेज दिया गया।
- अर्पित विजयवर्गीय, एसपी