समाज कल्याण अधिकारी लंबी छुट्टी पर चली गईं। मगर न अपना डोंगल दे गईं और न ही सीयूजी नंबर। इस कारण पारिवारिक लाभ योजना व पेंशन के फार्म अटक गए हैं और केवाईसी तक नहीं हो पा रही है।
समाज कल्याण कार्यालय में कनिष्ठ लिपिक राजकुमार व समाज कल्याण अधिकारी रश्मि यादव के बीच विवाद चल रहा है। कनिष्ठ लिपिक ने उन पर प्रताड़ित करने, देर रात तक काम कराने, लोगों के सामने अपमान करने, झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद समाज कल्याण अधिकारी दोनों सीयूजी नंबर व डोंगल लेकर चार दिन की छुट्टी पर चली गई थीं। लेकिन वह वापस कार्यालय नहीं आईं। उन्होंने सीडीओ को एक पत्र भेजकर कहा कि डॉक्टर ने आराम करने के लिए कहा है। जब वह ठीक हो जाएंगी, तब कार्यालय में आकर काम करेंगी।
समाज कल्याण अधिकारी के डोंगल व सीयूजी नंबर लेकर जाने से काम प्रभावित होने लगा है। उनके फोन नंबर भी बंद हैं। कार्यालय में पारिवारिक लाभ योजना व पेंशन के फार्म अटके हुए हैं। ऐसे में फरियादियों को समय से योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।
कार्रवाई करेंगे
- जिला समाज कल्याण अधिकारी सीयूजी नंबर व डोंगल देकर नहीं गई हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - नीरज कुमार श्रीवास्तव, सीडीओ