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17 दिन से बंकर में छुपे है व्यापारी अक्षत, खाने-पीने के भी लाले पड़े

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अक्षत त्यागी - फोटो : BAGHPAT
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बागपत। रूस के यूक्रेन पर हमले बढ़ते जा रहे है। ऐसे में यूक्रेन में फंसे भारतीय अपनी जान बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे है। हालात यह है कि बागपत के सुभानपुर का अक्षत त्यागी पिछले 17 दिन से बंकर में छुपा हुआ है। उसके सामने खाने-पीने तक के लाले पड़ गए है। बाजार में कुछ नहीं मिलने के कारण किसी तरह एक-दूसरे से मांगकर पेट भरना पड़ रहा है।
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सुभानपुर के रहने वाले संजय त्यागी के बेटे अक्षत त्यागी कई साल से यूक्रेन के किरवोग्राद में रहकर कपड़े का व्यापार करते है। युद्ध शुरू होने पर अक्षत पहाड़ी क्षेत्र में चला गया गया था। मगर, अब वहां भी बमबारी शुरू होने पर बंकर में रहना पड़ा रहा है। अक्षत बताते है कि व्यापार खत्म हो चुका है। खाने-पीने का सामान भी नहीं है। किसी तरह आसपास के गांवों के लोगों से मांगकर गुजारा करना पड़ रहा है। रमाला के रहने वाले पंकज भी यूक्रेन के ओडिसा में रहकर बड़ा कारोबार करते थे। हमले में उनका कारोबार भी खत्म हो चुका है। किसी तरह जान बचाने की जद्दोजहद चल रही है। बताया कि किरवोग्राद और ओडिसा से निकलने का ऐसा कोई रास्ता नहीं है, जिससे हंगरी या रोमानिया सहित अन्य किसी देश के बॉर्डर तक भी पहुंचा जा सके। ऐसे में किसी तरह जीवन बीत रहा है। यहां परिवार के लोग परेशान है और विदेश मंत्रालय के चक्कर काट रहे है। संजय त्यागी बताते है कि वह विदेश मंत्रालय के चक्कर काट रहे है, लेकिन कुछ नहीं हो रहा है। अब यही उम्मीद है कि जल्द युद्ध खत्म हो और बेटे को बुलवाया जाए।
जिंदगी व भविष्य बचाने के लिए अन्य देशों का आगे आना होगा: विजयश्री
वरिष्ठ अधिवक्ता विजयश्री ने कहा कि जिस तरह से यूक्रेन पर रूस का हमला जारी है, उससे लोगों की जिंदगी खत्म हो रही है। वहां से लोगों के पलायन करने के साथ ही भारतीय छात्रों को भी लौटना पड़ा है। इससे भारतीय छात्रों के बेहतर भविष्य की उम्मीद भी खत्म होती दिख रही है। भारत, इजराइल, इंग्लैंड सहित अन्य देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति लगातार रूस से शांति की अपील जरूर कर रहे है, लेकिन इके बाद भी कोई हल नहीं निकलता दिख रहा है। यूक्रेन पर हमले से भारत के लोगों व छात्रों को काफी नुकसान हुआ है। इसलिए सभी देशों को एक साथ मिलकर प्रयास करते हुए रूस पर शांति के लिए दबाव बनाना चाहिए।

एडवोकेट विजयश्री- फोटो : BAGHPAT

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