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सरकार ऐसी योजना बनाएं, अब बाकी पढ़ाई अपने देश में कर सके

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बागपत। कलक्ट्रेट सभागार में शनिवार को सांसद डा. सत्यपाल सिंह ने यूक्रेन से लौटे एमबीबीएस कर रहे विद्यार्थियों और उनके परिजनों के साथ संवाद किया। विद्यार्थियों ने मांग रखी कि सरकार ऐसा कोई नियम बनाएं, जिससे आगे की पढ़ाई अपने ही देश में कर सके।
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बड़ौत के हर्ष चौधरी ने बताया कि वह करीब 40 किमी पैदल चलकर पोलैंड बॉर्डर पर पहुंचे। वह बॉर्डर पार करने के लिए माइनस छह डिग्री में दिनभर खड़े रहे, लेकिन उनको बॉर्डर पार कराने की जगह उनपर कुत्ते छोड़ दिए गए। वह वापस यूनिवर्सिटी पहुंचे तो वहां से बस मिली और तब बॉर्डर पार किया। सिसाना के आदित्य चौहान ने बताया कि वह खारकीव में बंकर में रहे और पांच दिन बाद खाना खत्म हो गया। उनके पास ही मिसाइल गिरी तो लगा कि जिंदगी खत्म हो जाएगी। वह किसी तरह रोमानिया बॉर्डर पहुंचे और वहां से होते हुए अपने देश लौटे।
असारा के अब्दुल समद व बड़ागांव की निहारिका त्यागी ने भी सांसद डा. सत्यपाल सिंह को बताया कि किस तरह से परेशानियां झेलकर वह भारत वापस लौटे है। यह जरूर है कि यूक्रेन बॉर्डर के बाद सरकार की मदद से वह लौट सके है। विद्यार्थियों ने सांसद से मांग रखी कि यूक्रेन के हालात ठीक नहीं होते है तो सरकार ऐसा नियम बनाए कि वहां पढ़ने वालों का प्रवेश यहां ट्रांसफर कराया जा सके, जिससे उसी जगह से पढ़ाई शुरू हो सके। इसके अलावा मांग रखी गई कि यूक्रेन की जगह अन्य देशों में प्रवेश कराने में सरकार उनकी मदद करें।
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सांसद डा. सत्यपाल सिंह ने कहा कि विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर एक पत्र उन्हें भेजे, जिसे सरकार के सामने रखा जाएगा। इस दौरान डीएम राजकमल यादव, एडीएम अमित कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पूजा चौधरी, आपदा प्रबंधन विभाग के चंद्रशेखर, जितेंद्र प्रमुख के अलावा यूक्रेन से लौटे छात्र व उनके परिजन मौजूद रहे।
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