- स्वास्थ्य विभाग ने जिन लोगों को कोरोना से मरा हुआ दिखाया, वे अब जिंदा मिल रहे
- मृतक आश्रितों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने के लिए परिजनों को फोन करने पर हुआ खुलासा
- 141 लोगों को कोरोना से मरा दिखाया, तीन अभी तक जिंदा निकले, 14 नहीं मिल रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोना संक्रमण से मरने वाले लोग अब जिंदा होने लगे है...। यह सुनकर थोड़ा अजीब जरूर लगता है, लेकिन बागपत में कुछ ऐसा ही हुआ है। जिन लोगों को कोरोना संक्रमण से मृत हुआ दिखाया गया है, वह जिंदा मिलने लगे है। कोरोना संक्रमण से मरने वालों के परिजनों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने के लिए परिजनों को फोन करने पर इसका खुलासा हुआ। इससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है और इसकी जांच शुरू कराई गई है कि आखिर ऐसा कैसे हुआ है।
सरकार की ओर से कोरोना संक्रमण से मरने वालों के आश्रितों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा के बाद जिला स्तर पर इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इसके लिए शासन से 141 लोगों के नाम की सूची प्रशासन को भेजी गई। इस सूची में उन लोगों के नाम शामिल थे, जिनकी कोरोना संक्रमण से मौत बताते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग से शासन को सूचना भेजी थी। जब इन मृतकों के परिजनों से संपर्क किया जाने लगा तो पता चला कि कई लोग जिंदा है और उनको कोरोना से मरा हुआ दिखा दिया गया। बागपत में अभी तक लोयन मलकपुर गांव की रहने वाली शर्मिष्ठा पत्नी किरणपाल, पाबला के पूर्व प्रधान ब्रह्म सिंह पुत्र लखपत, बागपत में चमरावल रोड पर रहने वाली जानकी पत्नी हरिकृष्ण जिंदा मिल चुके है। यह सभी कोरोना की दूसरी लहर में मई 2021 में कोरोना संक्रमित जरूर हुए थे, लेकिन ठीक होकर घर पहुंच गए थे। इसके बाद भी इनको कागजों में मार दिया गया और अब इनको जिंदा देखकर हर कोई चौंक गया कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है।
कोरोना से मरने वाले 14 लोग हो गए गायब
14 ऐसे भी लोग है जो मिल ही नहीं रहे है। उनको भी तलाश किया जा रहा है। अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपनी लापरवाही छुपाने के लिए दावा कर रहे है कि उनका पता व मोबाइल नंबर गलत दर्ज हुआ होगा, इसलिए वह नहीं मिल रहे है। अब अधिकारियों के पास भी जवाब नहीं है कि उनको कैसे तलाश किया जाएगा।
यह पता चला है कि जिनको को मरा हुआ दिखाया गया है, उनमें कई लोग जिंदा मिले है। इसके अलावा कई लोग मिल भी नहीं रहे है। इसकी जांच कराई जा रही है कि आखिर ऐसा कैसे हुआ है। इसमें जिसकी भी लापरवाही रही है, यह काफी गंभीर है। - डा. दिनेश कुमार, सीएमओ