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ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों को बिना काम के दिया जा रहा वेतन

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बागपत। यहां पंचायती राज विभाग के अधिकारी ही सरकार का पैसा बर्बाद करा रहे हैं। ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों को बिना काम वेतन दिया जा रहा है। बागपत, पिलाना व बिनौली ब्लॉक के कई ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों को कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है। जिससे वे ब्लॉक में जाकर उपस्थिति दर्ज करके आराम करते रहते हैं। ये हालात उस समय है, जब कई ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों को तीन-तीन गांव दिए हुए हैं। इससे अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
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इनके पास नहीं किसी गांव की जिम्मेदारी
बागपत ब्लॉक में ग्राम पंचायत अधिकारी कृष्णकुमार तोमर व ग्राम विकास अधिकारी संदीप कुमार के पास किसी गांव की जिम्मेदारी नहीं है। पिलाना ब्लॉक में ग्राम पंचायत अधिकारी प्रेम कुमार व ग्राम विकास अधिकारी सतीश कुमार के पास भी किसी गांव की जिम्मेदारी नहीं है। इतना ही नहीं बिनौली ब्लॉक में ग्राम पंचायत अधिकारी प्रशांत अहलावत, ग्राम पंचायत अधिकारी सचिन कुमार के पास किसी गांव की जिम्मेदारी नहीं है। इस तरह छह अधिकारी खाली हैं। इनको बिना काम के 60 हजार रुपये माहवार तक वेतन दिया जा रहा है।
ब्लॉक कार्यालय में आकर आराम से बैठ रहे
बिनौली ब्लॉक में सचिव सचिन रोजाना सुबह कार्यालय पहुंचते हैं और कोई काम नहीं होने के कारण आराम से बैठे रहते हैं। वे सोमवार को आराम से बैठे रहे। पिलाना ब्लॉक में ग्राम पंचायत अधिकारी प्रेम कुमार भी सोमवार को आराम से बैठे हुए थे। बागपत ब्लॉक में ग्राम विकास अधिकारी संदीप कुमार को कोई गांव नहीं दिया गया है और उनसे शिकायत आदि की जिम्मेदारी सौंपी हुई है। इनमें किसी को नियमों के अनुसार मूल कार्य के साथ ही अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप सकते हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी कृष्ण कुमार तोमर भी ब्लॉक में आकर आराम से बैठते हैं, क्योंकि उनके पास कोई काम ही नहीं है।
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जिनकी कोई गलती नहीं है और वे कार्य भी बेहतर करते हैं। उनको अब कोई भी कार्य की जिम्मेदारी नहीं दी हुई है। इस तरह सरकार को हर महीने लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। इस कारण अन्य का कार्य कई गुना बढ़ गया है, जिससे विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं।-प्रमोद शर्मा, अध्यक्ष ग्राम विकास व ग्राम पंचायत अधिकारी समन्वय समिति
वर्जन
यह मामला मेरी जानकारी में आया है। चुनाव के बाद सभी को गांवों की जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी। जिससे कार्य बेहतर तरीके से कराए जा सके।-अमित त्यागी, जिला पंचायत राज अधिकारी
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