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तेजी के तड़के से भड़का सरसों का तेल

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चार महीने में 30 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोत्तरी हुई
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10 से 15 रुपये लीटर की तेजी तो सिर्फ बीते एक महीने में आई
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। सिर्फ सब्जियां और दालें ही महंगी नहीं है, अब पीली सरसों और काली राई के तेल के भाव भी आसमान पर है। काली राई का तेल वर्तमान में 130 से 140 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है जबकि पीली सरसों का तेल 150 से 160 रुपये प्रति लीटर है। दोनों प्रकार के तेलों में चार महीने में 30 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोत्तरी हुई है। 10 से 15 रुपये लीटर की तेजी तो सिर्फ बीते एक महीने में आई है। सरसों और लाही में इस अप्रत्याशित तेजी से तिलहन व्यापारी भी हैरान है।
तिलहन व्यापारी दीपक गुप्ता बताते है कि 10 से 15 वर्षों में तिलहन में इतनी तेजी नहीं आई। होली के समय काली राई 3100 से 3500 रुपये क्विंटल थी, जबकि सरसों 4000 से 4300 रुपये कुंतल। लॉकडाउन लगने के बाद यानि 15 अप्रैल से इनके भाव में तेजी शुरू हुई। मई की शुरूआत में काली राई 3200 से 3600 रुपये, जून और जुलाई में 3800 से 4000 रुपये क्विंटल थी। वर्तमान में इसके भाव 4300 से 4500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए है। इसी तरह सरसों मई शुरूआत में 4100 से 4400, जून और जुलाई में 4500 से 5000 रुपये क्विंटल थी। अगस्त में भाव एकदम 5500 से 6000 रुपये क्विंटल तक पहुंच गए। अभी 15 दिन पहले 500 रुपये क्विंटल की गिरावट आई तो भाव 5600 से 5800 तक के बीच चल रहे है।
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अभी नहीं मिलेगी राहत
तिलहन व्यापारी दीपक गुप्ता बताते है कि त्योहारी सीजन आने पर मांग और कीमत और बढ़ेगी। कीमत में हाल फिलहाल राहत इसलिए भी नहीं दिख रही है, क्योंकि नई फसल आने में अभी कम से कम तीन महीना बाकी है।
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