बागपत। जिले में बुखार व डायरिया के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। यदि उन्हें जिला अस्पताल में मरीज भर्ती कराना है तो वहां चादर गंदी मिलेगी और कूलर में पानी भी खुद ही डालना पड़ेगा। वहां रविवार को जनरल वार्ड के ऐसे ही हालात थे। मरीजों के बेड पर गंदी चादर बिछी थी और कूलर में कर्मचारी पानी नहीं डाल रहे थे। तीमारदारों को खुद ही पानी डालना पड़ा।
जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में 25 बेड हैं। वहां सभी बेड पर मरीज भर्ती थे। इनमें अधिकतर बुखार व डायरिया से पीड़ित थे। वहां मरीजों व उनके तीमारदारों को परेशानी काफी झेलनी पड़ रही थी। कई बेड पर चादर गंदी बिछी थी। कर्मचारियों ने शिकायत करने के बाद भी नहीं बदली गई। गर्मी के कारण परेशानी ज्यादा हो रही थी तो कूलर की हवा ठंडी नहीं होने पर देखा तो उसमें पानी नहीं था। जब कर्मियों को कूलर में पानी डालने के लिए कहा गया तो उसने साफ कह दिया कि खुद ही पानी डाल लो। इस तरह से वहां मरीजों व तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
यहां भर्ती होकर परेशान होना पड़ रहा
बागपत के मिर्धानपुर निवासी शौकीन के एक वर्षीय पुत्र मोहम्मद अली को बुखार था। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। शौकीन ने बताया कि कूलर में कर्मचारी से पानी डालने के लिए कहा तो उसने खुद ही डालने के लिए कह दिया। उसके बाद खुद ही पानी डालना पड़ा। खेकड़ा की महक को डायरिया की समस्या होने पर अस्पताल में भर्ती कराया। उसके बेड पर चादर गंदी थी। कहने के बाद भी चादर नहीं बदली गई।
डायरिया के लक्षण
-उल्टी आना
-दस्त लगना
-मुंह सूखना
-सिरदर्द होना
-थकान होना
-बुखार होना
-चिड़चिड़ापन
डायरिया से बचाव के लिए जरूरी
-धूप में ज्यादा घूमने से बचे
-खाना रखा हुआ न खाएं
-धूप से आकर तुरंत ठंडा पानी न पीएं
-मसालेदार खाद्य पदार्थ से बचें
-तरल पदार्थ लेते रहें
जिला अस्पताल में बेड पर चादर बदली जाती है और ऐसा नहीं हुआ तो इसका कारण पता कराया जाएगा। मरीजों के लिए लगाए गए कूलर में नियमित पानी डालने की व्यवस्था कराई गई है। मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए नियमित निरीक्षण करके व्यवस्था दुरुस्त कराई जा रही है।-डॉ. एसके चौधरी, सीएमएस
बागपत में जिला अस्तपाल में गंदी चादर दिखाती महिला- फोटो : BAGHPAT
बागपत जिला अस्तपाल में दोपहर के समय गर्मी के कारण बाहर बैठी महिला मरीज- फोटो : BAGHPAT
बागपत जिला अस्तपाल में भर्ती मरीज- फोटो : BAGHPAT