बड़ौत (बागपत)। बिजरौल गांव में घर के दरवाजे पर बम धमाका प्रकरण को लेकर जांच एजेंसियों सक्रिय हो गई हैं। इसके चलते रविवार को एसआईटी मेरठ व खुफिया टीम ने गांव पहुंचकर जांच की। इसके बाद दोनों ही टीमों ने हवालात में बंद आरोपी से भी पूछताछ की। हालांकि अभी कोई ठोस प्रमाण आरोपी के खिलाफ नहीं मिल पाया है। उधर, ग्रामीण भी हिरासत में लिए व्यक्ति को बेगुनाह बता रहे हैं।
बिजरौल गांव में बीती 27 मई को घर का दरवाजा खोलते समय हुए बम धमाके में गौतम पुत्र नरेंद्र घायल हो गया था। उसकी मां कामेश ने पड़ोसी रणवीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। उसने बताया कि आरोपी ने उनसे चार लाख रुपये उधार ले रखे हैं। रुपये वापस मांगने पर उसने जान से मारने व घर को उड़ा देने की धमकी दी। इस पर पुलिस ने रणवीर को हिरासत में ले लिया। शनिवार देर शाम एसपी नीरज जादौन, एएसपी मनीष मिश्र, सीओ युवराज व कोतवाल मगनवीर सिंह गिल भी मौके पहुंचे थे। वहीं, रविवार को एसआईटी मेरठ व खुफिया टीम गांव पहुंची तथा एक-एक बिंदू पर जांच की। हालांकि अभी तक एक भी ऐसा तथ्य निकलकर सामने नहीं आया जिससे घटना का खुलासा हो सके।
पुलिस के लिए चुनौती बना प्रकरण
जहां एक ओर पीड़िता कामेश की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी रणवीर को हिरासत में ले रखा है, वहीं उसके परिजन व ग्रामीण उसे बेगुनाह बता रहे हैं। उधर, जांच में भी रणधीर के खिलाफ सबूत नहीं मिला है। अब यह मामला पुलिस के सामने चुनौती है। उधर, रविवार शाम घटना का सही खुलासा किए जाने के प्रयास को लेकर एसपी नीरज कुमार जादौन भी कोतवाली आए हुए हैं। घटना को लेकर कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। सीओ युवराज सिंह ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।