बागपत। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तक की कमी है। शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हैं। जिले के 71 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में से 52 की जिम्मेदारी कार्यवाहक प्रधानाचार्य संभाल रहे है। इनके अलावा जिले में 111 प्रवक्ता, 699 सहायक अध्यापक, 11 प्रधान लिपिक व 45 सहायक लिपिक और 262 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी हैं।
क्या है मानक
माध्यमिक शिक्षा परिषद के मानक के अनुसार माध्यमिक विद्यालयों में 40 छात्रों पर एक शिक्षक का मानक निर्धारित है। जिले में शिक्षकों के अभाव के कारण एक शिक्षक पर लगभग सौ या इनसे अधिक बच्चों को शिक्षण कराने की जिम्मेदारी है।
क्या कहते है सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य
- सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य जयपाल शर्मा का कहना है कि जनशक्ति के अभाव में माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों का शिक्षण प्रभावित हो रहा है। सरकार को छात्र हित को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति करनी चाहिए।
- सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य बल्लम सिंह शर्मा का कहना है कि विद्यालयों में शिक्षकों के अभाव में बच्चों के शिक्षण पर प्रभाव पड़ रहा है। कुछ विद्यालयों में ट्यूटरों की व्यवस्था करा रखी है।
क्या कहते है अभिभावक
- सिसाना गांव की पिंकी शर्मा का कहना है कि विद्यालयों में शिक्षकों के अभाव बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सरकार को बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती करनी चाहिए।
- ईदगाह के मामीन का कहना है कि कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित रही, अब विद्यालयों में शिक्षकों के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। शासन को मानक के अनुसार विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति करनी चाहिए।
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विद्यालयों में रिक्त पदों का ब्योरा
पद स्वीकृत कार्यरत रिक्त
प्रधानाचार्य 71 19 52
प्रवक्ता 357 246 111
सहायक अध्यापक 1289 590 699
प्रधान लिपिक 38 27 11
सहायक लिपिक 127 82 45
चतुर्थ कर्मचारी 616 354 262
विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए हाल ही में बड़ी संख्या में टीजीटी और पीजीटी परीक्षा हुई है। इसका परिणाम आने पर शिक्षकों की कमी पूरी होगी। फिलहाल जिले में शिक्षकों की कमी के बारे में शासन में अवगत कराया जा चुका है। - रवींद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक।