बागपत कोर्ट से सजा मिलने के आरोपी को जेल ले जाते पुलिसकर्मी
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बावली गांव में युवक के पेट में पड़ोसी ने घोंपा था चाकू, एडीजे चतुर्थ ने सुनाई सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बावली गांव की पट्टी मोहल्लू में युवक की हत्या का प्रयास करने वाले पड़ोसी को कोर्ट ने दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने उस पर 32 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है और अर्थदंड जमा नहीं करने पर सजा को एक साल के लिए बढ़ा दिया जाएगा।
डीजीसी सुनील पंवार और एडीजीसी अनुज ढाका के अनुसार बावली की पट्टी मोहल्लू की पुष्पा पत्नी सतबीर ने बड़ौत थाने में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा कि उसका बेटा मोहन जोशी एक मार्च 2018 को शाम के समय अपने मकान के बाहर खड़ा था। इस दौरान मोहन जोशी के पेट में प्रेमपाल, विपिन, मिंटू और अंकुर ने चाकू घोंपा। पुलिस ने छह मार्च 2018 को एक आरोपी प्रेमपाल को गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त चाकू बरामद किया था। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश करके जेल भेजा था। पुलिस ने जांच के बाद तीन के नाम निकाल दिए थे और एक आरोपी प्रेमपाल के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
डीजीसी सुनील पंवार ने बताया कि इस मामले में प्रेमपाल की जमानत याचिका हाईकोर्ट तक डाली गई थी। इसमें हाईकोर्ट ने उस पर सुनवाई करते हुए केस का जल्द निस्तारण करने के आदेश दिए थे। यह मामला एडीजे चतुर्थ सुशील कुमार की कोर्ट में चल रहा था। इसकी सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने बुधवार को प्रेमपाल को दोषी मान लिया था। इसमें कोर्ट ने बृहस्पतिवार को प्रेमपाल को दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और 32 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड नहीं देने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की राशि में से 20 हजार रुपये पीड़ित मोहन जोशी को देने के आदेश दिए हैं।