बागपत में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनाने वाले अधिवक्ता समेत पांच के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया, जबकि अधिवक्ता फरार है। उनसे फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद किए। एक आरोपी के पास से वर्चुअल विदेशी नंबर भी मिला। इसका इस्तेमाल आधार कार्ड बनाने में किया जा रहा था।
बागपत क्राइम ब्रांच की टीम ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनाने की सूचना पर शहर के कोर्ट रोड पर सोनीपत स्टैंड के पास दानिश जनसेवा केंद्र, केनरा बैंक और पंजाब नेशनल बैंक में छापामारी की। जहां से पुलिस ने जनसेवा केंद्र संचालक मोहसिन, आधार कार्ड बनाने वाले ऑपरेटर विशाल निवासी बड़ौत, साहिल, ताहिर निवासी मोहल्ला मुगलपुरा को गिरफ्तार कर लिया।
विदेशी वर्चुअल नंबर का होता था इस्तेमाल, अब अमेरिका का मिला
ताहिर के पास से पुलिस को अमेरिका के वर्चुअल नंबर पर व्हाट्सएप चलता हुआ मिला है। एसपी के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य काफी शातिर हैं, जो फर्जी कागज भेजने के लिए दो महीने के लिए विदेशी वर्चुअल नंबर लेते थे। पहले कनाडा, अब अमेरिका का वर्चुअल नंबर लेकर उस पर ताहिर व्हाट्सएप चलाता था। जिस पर सभी फर्जी कागज भेजते थे और उसके बाद आधार कार्ड व अन्य कागज बनवाए जाते थे।
विदेशी कनेक्शन की रही चर्चा
फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद विदेशी कनेक्शन होने की चर्चा जोरों पर रही। गिरफ्तार किए गए एक आरोपी के मोबाइल में पाकिस्तानी समेत अन्य विदेशी नंबरों पर चैटिंग होने के बाद डिलीट करने की भी चर्चा होती रही। हालांकि पुलिस को ऐसा कोई सबूत अभी नहीं मिला है और विदेशी कनेक्शन की पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों की मानें तो पुलिस अभी भी विदेशी कनेक्शन का पता लगाने में जुटी हुई है।
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