बड़ौत। रेलवे रोड स्थित आर्य समाज भवन में आर्य समाज के तत्वावधान में रविवार को साप्ताहिक यज्ञ हुआ। इसमें यज्ञमानों ने समाज कल्याण की कामना करते हुए आहुति दी।
यज्ञ संपन्न होने पर ब्रह्म राजेंद्र सिंह ने कहा कि ब्रह्मचर्य जीवन का प्रथम सौपान है। वैदिक पद्धति में छात्रों को प्रारंभ में गुरु के पास ब्रह्मचर्य का पालन कराकर परम ब्रह्म की शिक्षा दी जाती थी। यह प्रथा छात्रों के आध्यात्मिक जीवन के लिए आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस समय विश्व का सामाजिक ढाचा इतना बदल चुका है कि छात्रों के लिए ब्रह्चर्य जीवन बिताना असंभव हो गया है। ब्रह्चर्य का पालन नहीं करने वाले मनुष्य का मनोरथ कभी पूर्ण नहीं होता है। इस यज्ञ के यजमान पीतम सिंह आर्य रहे।
दूसरी ओर बावली चौक स्थित आर्य समाज पट्टी चौधरान कार्यालय में भी साप्ताहिक यज्ञ हुआ। इस यज्ञ के ब्रह्म ओमपाल शास्त्री व यजमान ओमप्रकाश रहे। इस दौरान ओमवीर सिंह आर्य, हरवीर सिंह, जसवीर मलिक, राजफल आर्य, सुनीता देवी, माया देवी, तेजेंद्र चौहान, डॉ. हरपाल सिंह, इंद्रपाल, सुखपाल, शौराज सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद