कनेक्शन विच्छेदन के दौरान विभागीय अफसरों के सामने लगभग 150 से अधिक ऐसे उपभोक्ता सामने आए, जिनसे पहले ही राजस्व वसूली के नाम पर बाहरी तत्व खुद को बिजली कर्मचारी व ठेकेदार बताकर तकरीबन 80 लाख रुपयों की ठगी कर चुके है। ठगी का यह खेल उजागर होने पर विभागीय अफसरों व उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया।
उपभोक्ताओं का यह भी आरोप है कि जिन लोगों ने उनसे बिजली बिल जमा करने के नाम पर वसूली की है, वे हर समय बिजली विभाग के दफ्तर में सक्रिय रहते है और विभागीय अफसराें का उन्हें सरंक्षण प्राप्त है। उपभोक्ताओं का यह कहना है कि जब वे बिजली बिल जमा कराने के लिए एक बार धनराशि दे चुके है, फिर दोबारा क्याें दे। वे तो पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे है। विभाग को ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराना चाहिए।
हर समय बिजली दफ्तर पर सक्रिय रहते है बाहरी तत्व
बड़ौत। नाम न छापने की शर्त पर बिजली विभाग के एक कर्मचारी ने बताया कि बड़ौत के डिवीजन द्वितीय व डिवीजन प्रथम में उपभोक्ताओं से बिजली जमा कराने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले बाहरी तत्व रहतना, निरपुड़ा, जिवाना, निनाना, गुराना रोड बड़ौत निवासी है, जो रोजाना सुबह कार्यालय पर आ जाते है और उपभोक्ताओं को गुमराह कर अवैध वसूली कर रहे है। कार्यालय पर लगे सीसीटीवी कैमरे में उन्हें देखा जा सकता है।
बड़े बकायादारों के कनेक्शन विच्छेदन को लेकर अभियान चलाया गया था। अभियान के दौरान सैकड़ों ऐसे उपभोक्ता सामने आए है, जिनसें डेढ़ साल पहले बाहरी तत्व बिजली बिल जमा कराने के नाम पर दो से तीन लाख रुपयें तक वसूल चुके है और उक्त धनराशि को विभाग में भी जमा नहीं कराया गया है। मेरे कार्यकाल से पहले उपभोक्ताओं से यह ठगी हुई है। अब मैंने अभियान चलाकर तकरीबन 40 से अधिक ऐसे कनेक्शन काटे है, जिनसे बाहरी तत्व अवैध वसूली कर चुके है, क्योंकि उक्त उपभोक्ता अभी भी विभाग के बकायेदार है। इसके लिए उपभोक्ता भी जिम्मेदार है। फिलहाल बाहरी तत्वों पर कार्रवाई करने के लिए एक सूची तैयारी की जा रही है। जिसमें उपभोक्ता की भी लिखित शिकायत शामिल की जाएगी। सूची तैयार होने के बाद कार्रवाई के लिए संबंधित थानों व एसपी सहित सीओ को दी जाएगी, ताकि बाहरी तत्वों पर कार्रवाई हो सके। -केपी पूरी अधिशासी अभियंता द्वितीय बड़ौत।