छपरौली (बागपत) बजट के अभाव में बनने से पहले ही टांडा का राजकीय कन्या मॉडल इंटर कॉलेज खंडहर होने लगा है। विद्यालय के निर्माण में तीन करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, मगर तीसरी किस्त जारी न होने से निर्माण अधूरा है। गांव में छात्राओं के लिए मॉडल इंटर कॉलेज की स्वीकृति मिलने पर ग्राम प्रधान ने शिक्षा विभाग को साढ़े पांच बीघा जमीन उपलब्ध कराई थी।
टांडा गांव में वर्ष 2016 में पांच करोड़ की लागत से राजकीय कन्या मॉडल इंटर कॉलेज का निर्माण शुरू कराया गया था। शासन से कॉलेज के निर्माण के लिए दो किस्त में तीन करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई। इसके बाद तीसरी किस्त जारी न होने से निर्माण बीच में ही रुक गया। लोगों का कहना है कि कॉलेज निर्माण से गांव व आसपास के गांवों की छात्राओं को शिक्षा की सुविधा की आस जगी थी।
पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर हैं छात्राएं
मॉडल कॉलेज का निर्माण शुरू होने पर गांव के अतिरिक्त टांडा, बौढ़ा, तुगाना, कूड़ी-नांगल और लूम्ब समेत कई गांव की छात्राओं में कॉलेज में पढ़ने की उम्मीद जगी थी, मगर निर्माण पूरा न होने से वे आठवीं के बाद पढ़ाई छोडने के लिए मजबूर हैं।
गांव की छात्राओं को मिलेगा लाभ
गांव के पूर्व प्रधान हाजी शकील अहमद का कहना है कि कॉलेज के लिए करीब 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। इसका निर्माण होने से टांडा के अतिरिक्त कई गांवों की छात्राओं को शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिलेगा।
क्षेत्र के लोगों में मायूसी
सरफराज खान का कहना है कि कई बार उच्च अधिकारियों से कॉलेज का निर्माण पूर्ण कराने की मांग की गई, मगर सुनवाई नहीं हुई। कॉलेज का निर्माण रुकने से लोगों में मायूसी है।
छात्राओं को हो रही परेशानी
नौशाद खान का कहना है कि कॉलेज के अभाव में गांव की लड़कियां कक्षा आठ के बाद पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर हैं। गांव के बाहर पढ़ने जाने के लिए लड़कियों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
किस्त जारी न होने से परेशानी
ग्राम प्रधान नवाजिश खान का कहना है कि कॉलेज का निर्माण कार्य फिर से चालू कराने के लिए काफी प्रयास किया गया मगर किस्त न मिलने के कारण निर्माण अधूरा पड़ा है।
वर्जन -
विद्यालय के निर्माण में किस्त जारी न होने के बारे में जानकारी नहीं है। शीघ्र ही कॉलेज के निर्माण का निरीक्षण कर शासन को अवगत कराया जाएगा।-जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह