इस रूट पर बढ़ाई जाए ट्रेनों की संख्या
गांधी गांव के रहने वाले ओमकार शर्मा ने कहा कि कोरोना काल से पूर्व इस रूट पर अप-डाउन के लिए लगभग 26 ट्रेन थीं, लेकिन अब मात्र 10 ट्रेनें ही संचालित हैं। ऐसे में बंद हुई 16 ट्रेनों का संचालन जल्द से जल्द हो ताकि यात्रियों को राहत मिले।
स्टेशन पर हो पेयजल की व्यवस्था
बड़ौत के दुड़भा गांव के रहने वाले दैनिक यात्री अनुज शर्मा ने कहा कि ट्रेन जगह-जगह रूकती है। डीएमयू ट्रेन के अंदर एकमात्र शौचालय है, जिससे यात्रियों को दिक्कतें हो रही हैं। ऐसे में ट्रेनों की स्पीड़ भी बढ़ाई जाए और इस रूट पर इलेक्ट्रानिक ट्रेनों का संचालन हो।
ये बोले सांसद
सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि उनहोंने ट्रेनों में यात्रियों के साथ सफर किया और उनकी समस्याओं से अवगत हुए। बताया कि बड़ौत रेलवे स्टेशन पर टिकट खिड़की कम है और ये खिड़की समय पर नहीं खुलती है, शौचालय को बंद रखा जाता है। इस पर स्टेशन अधीक्षक सुधीर शर्मा को हिदायत दी गई है। बताया कि ट्रेन के अंदर यात्रियों ने समस्याएं रखी कि जैसे-जैसे ट्रेन दिल्ली की ओर चलती है तो उसमेें भीड़ बढ़ने लगती है।
इसलिए लोगो की मांग है कि ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाए। बहुत से यात्रियों ने बताया कि डीएमयू ट्रेन बड़ौत से दिल्ली जाने में दो से ढ़ाई घंटे लगा देती है, यानी साढ़े दस बजे लगभग दिल्ली पहुंचती है। सरकारी कार्यालय मेें जाने वाले लोग समय पर नहीं पहुंच पाते हैं।
बताया कि एक ट्रेन सात बजे चलती है, एक ट्रेन आठ बजे चलती है और नौ बजे तक ट्रेनों को दिल्ली पहुंचना चाहिए, लेकिन वह साढ़े दस बजे तक पहुंचती है। उधर दिल्ली की ओर से एक ट्रेन छह बजे है और एक ट्रेन आठ बजे है, सात बजे कोई ट्रेन नहीं है। ऐसे में सात बजे भी ट्रेन चलनी चाहिए और इस रूट का जल्द दोहरीकरण कराकर रेपिड ट्रेन का संचालन होना चाहिए। कहा कि इन सभी समस्याओं से जल्द ही रेल मंत्री को अवगत कराया जाएगा और यात्रियों की समस्याएं हल कराई जाएंगी।