पुलिस ने आरोपी मनीष को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। जो जमानत पर कई महीने पहले जेल से बाहर आया। जो उन पर मुकदमे में समझौता करने और गवाही न देने का दबाव बनाने लगा।
समझौता नहीं करने पर छह सितम्बर की रात मनीष अपने दो साथियों के साथ उसके घर पहुंचा और उसकी नाबालिग बेटी को पकड़कर तमंचा तान दिया। इसके बाद आरोपी ने उसकी नाबालिग बेटी पर फायरिंग की, जो मकान की दीवार में घुस गई।
इसके बाद अगले दिन सुबह आरोपी मनीष बाइक लेकर आया और छत पर खड़े उसके पति को गोली मार दी। जिसके बाद तलाश में जुटी पुलिस ने आरोपी पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि दस हजार के ईनामी मनीष को गिरफ्तार कर लिया गया। जिससे घटना में प्रयुक्त तमंचा और दो कारतूस बरामद किए गए।
फोन पर भी धकमी तो परिवार को मिली सुरक्षा
दुष्कर्म पीड़िता के पिता को गोली मारने की घटना के बाद से परिवार दहशत में आ गया। इसके बाद भी आरोपी फोन पर समझौता करने का दबाव बनाता रहा और धमकी भी देता रहा। जिसको लेकर पीड़िता के परिवार को पुलिस सुरक्षा दी गई। आठ सितम्बर से पीड़िता का परिवार पुलिस सुरक्षा में है।