थाने में कबाड़ सामान रखने के लिए बनाए गए मालखाने में बृहस्पतिवार दोपहर करीब ढाई बजे आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। पुलिस कर्मियों ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग ने उग्र रूप धारण कर लिया। तेज धमाके की आवाज आने लगी तो आसपास के दुकानदारों और राहगीरों की भीड़ कोतवाली के बाहर इकट्ठा हो गई। आसपास के लोग भी पुलिस कर्मियों के साथ आग बुझाने में जुट गए।
सूचना मिलने पर पहुंचे अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन उससे भी आग पर काबू नहीं किया जा सका। आग बुझाने के लिए बागपत से भी तीन गाड़ियां बुलाई गईं, तब जाकर ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
सीओ खेकड़ा प्रीता सिंह का कहना है कि जहां आग लगी है, वह मालखाना नहीं है। वह सामान्य भवन है और उसमें कबाड़ रखा हुआ था। आग शॉर्ट सर्किट से लगने की बात सामने आ रही है। इससे किसी तरह के जान माल का नुकसान नहीं हुआ है।
बार-बार होते रहे धमाके
कोतवाली के मालखाने में आग लगने के बाद हुए धमाके से छत उखड़ गई। इसके बाद बार-बार धमाके होते रहे, जिससे अग्निशमन कर्मियों ने भी दूर रहकर आग पर पानी डालकर काबू पाया।
दो पुलिसकर्मियों के परिवारों ने आवास छोड़े
मालखाने में आग लगने के बाद धुआं चारों तरफ फैल गया, जो आसपास बने पुलिसकर्मियों के आवासों में घुस गया। इससे वहां रहने वाले परिवार वालों का दम घुटने लगा। भयभीत होकर वे बाहर निकल गए। उधर, आग की चपेट में आसपास के दो आवास भी आ गए। वहां नुकसान नहीं हुआ, मगर आग के कारण मकान काफी तप गए। इसके बाद दोनों परिवारों ने आवासों को छोड़ दिया और अन्य आवास में सामान रख लिया।
दो महीने पहले भी लगी थी आग
कोतवाली के मालखाने में दो महीने पहले भी आग लग गई थी। इसमें धमाका होने से मालखाने की दीवार ध्वस्त हो गई थी। आग लगने से कई वाहन जलकर राख हो गए थे।