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Baghpat: जमीन की पैमाइश न होने से आहत किसान ने जहरीला पदार्थ पीकर किया आत्महत्या प्रयास, मचा हड़कंप

Tue, 12 Dec 2023 06:26 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत

सार

Baghpat News : जमीन की पैमाइश न होने से आहत होकर किसान ने तहसील में जहरीला पदार्थ पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। इस दौरान तहसील में अफरा-तफरी मच गई।
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किसान को अस्पताल में भर्ती कराया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बागपत में बड़ौत के बामनौली गांव के एक किसान ने जमीन की पैमाइश न होने से आहत होकर मंगलवार को तहसील में जहरीला पदार्थ पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। इस दौरान तहसील में मौजूद किसानों व कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन किसान को गंभीर हालत में सीएचसी पर भर्ती कराया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। आरोप है कि एसीओ चकबंदी ने भी किसान को धमकाते हुए उसके साथ अभ्रदता की। इससे किसानों में रोष व्याप्त है।

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मंगलवार को बामनौली गांव निवासी किसान अनुज पुत्र महिपाल तहसील में स्थित चकबंदी विभाग में पहुंचे। जहां पर मौजूद एसीओ चकबंदी मोहम्मद अब्दुल से अनुज ने जमीन की पैमाइश कराएं जाने की मांग की। आरोप है कि एसीओ चकबंदी ने किसान को धमकाना शुरू कर दिया और अभ्रदता करते हुए कार्यालय से बाहर जाने के लिए कहा। इससे आहत होकर मनोज ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। इससे देख वहां पर मौजूद अन्य किसानों व कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। 

वहीं, आनन-फानन किसान को सीएचसी पर भर्ती कराया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। किसान की हालत गंभीर बनी हुई है। किसान मनोज के परिवार के सदस्य दीपक तोमर बामनौली ने बताया कि मनोज की 14 बीघा जमीन पर पिछले चार साल से चकबंदी विभाग ने पैमाइश तक नहीं की, जबकि मनोज द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर चार बार डीएम पैमाइश करने के लिए आदेश कर चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी चकबंदी विभाग के अधिकारी पैमाइश नहीं कर रहे हैं।

आरोप लगाया कि चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने विपक्षीगणों से पैस ले रखे हैं, जिस कारण 15 बार सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी आज तक किसान मनोज की जमीन की पैमाइश नहीं की गई। किसान पर नौ लाख का कर्ज है। गत शुक्रवार को तहसील से भी कर्मचारी वसूली के लिए आए थे और चेतावनी देकर गए थे कि यदि पैसा जमा नहीं किएं तो जमीन कुर्की कर ली जाएगी। इससे भी किसान परेशान थे। उन्होंने न्याय करने की मांग की।

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मैंने कोई अभ्रदता नहीं की। उक्त किसान की जमीन का मामला एडीएम न्यायालय में विचाराधीन है। वहां से निर्णय आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। अवैध वसूली का आरोप भी निराधार है। - मोहम्मद अब्दुल एसीओ चकबंदी

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