बिलिंग सिस्टम में गलत बिल फिंडिग होना बनी वजह
नाम न छापने की शर्त पर ऊर्जा निगम के ही एक कर्मचारी ने बताया कि जनपद के 250 से अधिक किसानों को ओटीएस योजना का लाभ यानी छूट इसलिए नहीं मिली, क्योंकि उनके बिलों को सिस्टम में गलत फिंडिग किया गया है। लाख कोशिशों के बावजूद इन उपभोक्ताओं के न तो ऑनलाइन बिल ठीक हो पा रहे हैं और न ही मैन्युअल। ऐसे में मजबूरन उक्त किसानों को पूरी धनराशि विभाग में बिना छूट लिए जमा करानी पड़ी।
केस नंबर एक
हेवा गांव के किसान राजेन्द्र जिनका कनेक्शन नंबर 77172002272 है। उन पर विभाग 4 लाख 11 हजार रुपये बकाया दर्शा रहा है, जबकि उनका वास्तविक बिल तकरीबन 2 लाख है, लेकिन बिलिंग सिस्टम में गलत-गलत फिंडिग होने की वजह से न तो उनका बिल ऑनलाइन ठीक हो पा रहा है और न ही मैन्युअल। यदि कर्मचारी मैन्युअल संसोधित करते हैं तो उसे विभाग के अधिकारी व विभाग का कंप्यूटर स्वीकार नहीं कर रहा है। राजेन्द्र अधिशासी अभियंता प्रथम से लेकर एसई और एमडी तक शिकायत चुका है, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
केस नंबर दो
खेड़ी प्रधान गांव के रतन पुत्र रामचन्द का बिल भी बिलिंग सिस्टम में गलत फीड हो रखा है। उन्हें विभाग ने वर्तमान में 8 लाख 93 हजार रुपये जमा करने के लिए भेजे हैं, जबकि उनका वास्तिक बिल कुछ और है। तमाम कोशिशों के बावजूद रतन का बिल संसोधित नहीं हो रहा हैै।
जब रतन ने विभाग से उक्त बिल पर छूट के बारे में जानकारी जुटाई तो उन्हें 5 लाख 58 हजार की छूट बताई गई। साथ ही 3 लाख 34 हजार जमा करने के लिए कहा गया। ऐसे में जब वे पैसा जमा करने के लिए एक्सईएन प्रथम कार्यालय पर पहुंचे तो छूट के लिए रजिस्ट्रेशन के दौरान उनका कनेक्शन हॉल्ड होना दर्शाया गया। यानी न ताे उन्हें छूट मिल पा रही है और न ही उनका बिल ठीक हो रहा है। ये तो मात्र दो उदाहरण हैं। जनपद में सैकड़ों अन्नदाता छूट से महरूम हैं और विभाग लगातार उन पर दवाब बनाकर उनसे पैसा जमा करा रहा है।
समाधान न होने पर जल्द शुरू होगा आंदोलन
पहले से ही अन्नदाता बकाया गन्ना भुगतान की समस्या से परेशान है, ऊपर से ऊर्जा निगम किसानों का उत्पीड़न कर रहा है। सरकार भी किसान विरोधी नीतियों पर काम कर रही है। यदि इन किसानों की समस्या का जल्द हल नहीं निकाला गया तो गांव-गांव पंचायतें व बैठक कर उग्र आंदोलन शुरू किया जााएगा। - राजेन्द्र प्रधान प्रदेश उपाध्यक्ष भाकियू
कुछ किसान कार्यालय पर शिकायत लेकर आए थे, जिनकी शिकायतों का निस्तारण करने के लिए संबंधित अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित किया गया था। मामले की जांच की जा रही है। अधिक से अधिक किसानों को योजनाओं से लाभांवित किए जाने का प्रयास है। -केपी खान एसई बागपत।