इस मामले में हारूण ने मुकदमा दर्ज कराया था कि वह अपने भाई निसार, चाचा अंगूर, महकार, इखलाक के साथ परिवार के उम्मेद के यहां से लौट रहे थे। तभी दूसरे पक्ष ने राइफल, पिस्टल व तमंचों से फायरिंग कर दी गई थी। जिसमें धारदार हथियार से वार कर निसार की हत्या कर दी गई, जबकि बुजुर्ग अंगुर गोली लगने, लाठी-डंडों के हमले से महकार और अफसरी भी घायल हो गये थे। जिसमें 22 लोग नामजद किए गए, जबकि छह नाम पुलिस की जांच में प्रकाश में आये।