पानी से होकर जोकहरा से सहनूपुर जाते स्कूली बच्चे।
- फोटो : AZAMGARH
लाटघाट। सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में विगत तीन दिनों से बढ़ोतरी का क्रम निरंतर जारी है। जलस्तर बढ़ने से कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी चढ़ गया है, जिसके कारण स्कूल जाने वाले बच्चों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।
रविवार को डिघिया गेज पर घाघरा नदी का जलस्तर 70.82 मीटर था, जो सोमवार को तीन सेमी बढ़कर 70.85 मीटर हो गया है। यहां पर नदी का खतरा बिंदु 70.40 मीटर है। वहीं बदरहुंआ गेज पर रविवार को नदी का जलस्तर 71.50 मीटर दर्ज किया गया था। जो सोमवार को 71.52 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। तीन दिन से नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान शुरू हो गई है। सोमवार को नदी के जलस्तर में 24 घंटे में बदरहुंआ और डिघिया पर दो से तीन सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जलस्तर बढ़ने के बाद नदी खतरे के निशान से डिघिया नाले पर 45 सेमी ऊपर और बदरहुंआ पर 16 सेमी नीचे बह रही है। अभी गांवों में बाढ़ के पानी घुसने लायक स्थिति नहीं बनी है। उधर, घाघरा नदी ने गांगेपुर बगहवा में नदी कटान का दायरा बढ़ाते हुए धान व गन्ने की फसल की कटान तेज कर दिया है। अचल नगर में भी खेतिहर इलाकों को तेजी से काट रही है। राजकीय इंटर कॉलेज जोहकरा से सहनूपुर संपर्क मार्ग पर पानी लगा हुआ है। स्कूली बच्चों को पानी से होकर जाना पड़ रहा है। साहडीह, सोनौरा, अजगरा, मगर्वी, आराजी अजगरा जाने वाले रास्ते पर अभी भी पानी चल रहा है और लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। घाघरा नदी तीन दिनों से धीरे-धीरे बढ़ रही है, इससे नदी के तटवर्ती गांव के लोगों की धड़कन बढ़ना शुरू हो गई।
कटान बंद होते ही बंद हुआ काम
लाटघाट। गांगेपुर में रिंग बांध के पास हो रही कटान स्थिर हो गई है। तो वहीं बाढ़ खंड द्वारा कटान रोकने के लिए किया जा रहा काम एक सप्ताह से बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कटान बंद होते ही काम भी बंद कर दिया गया है। जब कटान तेज होती है तो काम शुरू होता है। गांव के अखिलेश, राजेश, रामनिवास, शंकर आदि ने बताया कि एक सप्ताह से काम बंद पड़ा है। जब कटान होती है तो विभाग काम करना शुरू करता है।