सपा ने बृहस्पतिवार को घोषित प्रत्याशियों की सूची में रमाकांत यादव को फूलपुर पवई विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी घोषित किया है। जबकि इस सीट से उनके पुत्र अरुणकांत यादव भाजपा के विधायक हैं। अरुणकांत यादव भी दो बार इस सीट पर जीत हासिल कर चुके हैं।
2007 में वह पहली बार सपा के टिकट पर विधायक बने। फिर 2017 में वह भाजपा के टिकट पर इस सीट से विधायक बने हैं। अभी वे भाजपा में ही हैं और मौजूदा विधायक है। अगर भाजपा उन्हें फिर से इस सीट पर उम्मीदवार बनाती है तो पिता और पुत्र के बीच रोचक मुकाबला देखने को मिलेगा।
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समाजवादी पार्टी ने आजमगढ़ की 10 में से सात सीटों पर प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है। पार्टी ने भाजपा की 2017 की लहर में भी पार्टी का परचम बुलंद रखने वाले चार विधायकों का टिकट बरकरार रखा गया है। फूलपुर पवई सीट से श्याम बहादुर यादव पिछला चुनाव पूर्व सांसद रमाकांत यादव के पुत्र अरुणकांत यादव से हार गए थे। अबकी बार पार्टी ने इस सीट से रमाकांत यादव को ही प्रत्याशी बना दिया है।
दीदारगंज से आदिल शेख के स्थान पर सुखदेव राजभर के पुत्र कमलाकांत राजभर को प्रत्याशी बनाया है। पिछले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को आजमगढ़ की दस में पांच सीटों पर अपना परचम लहराया था। पार्टी को अतरौलिया, मेंहनगर, गोपालपुर, निजामाबाद, आजमगढ़ सदर सीट पर जीत हासिल हुई थी।
अतरौलिया सीट से पार्टी ने वर्तमान विधायक डा. संग्राम यादव, गोपालपुर से विधायक नफीस अहमद, निजामाबाद से विधायक आलमबदी आजमी, आजमगढ़ सदर सीट से विधायक दुर्गा प्रसाद यादव को फिर प्रत्याशी बनाया है। मेंहनगर सीट पर पार्टी के कल्पनाथ पासवान ने पिछले चुनाव में जीत हासिल की थी लेकिन इस बार उनकी सीट पर टिकट की घोषणा नही की गई है।
इसके अलावा दो सीटों पर अपने प्रत्याशियों में बदलाव किया है। लालगंज सुरक्षित सीट से पार्टी ने पूर्व विधायक बेचई सरोज को प्रत्याशी बनाया है। वर्ष 2017 के चुनाव में यहां से बसपा के आजाद अरिमर्दन चुनाव जीते थे जबकि भाजपा के दरोगा प्रसाद सरोज दूसरे स्थान पर थे और बेचई सरोज तीसरे पर।
दीदारगंज विधानसभा से पूर्व विधायक आदिल शेख पिछली बार हार गए थे, उनकी जगह कमलाकांत राजभर को प्रत्याशी बनाया गया है। कमलाकांत राजभर पूर्व विधान परिषद अध्यक्ष और बसपा के दिग्गज नेता सुखदेव राजभर के पुत्र हैं। उन्होंने पिता के निधन से पहले सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। अभी मेंहनगर, मुबारकपुर और सगड़ी विधानसभा सीटों से प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की गई है।
पूर्व मंत्री वसीम अहमद की पत्नी शमा वसीम
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सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का ख्वाब सजाए मैदान में उतरी पूर्व मंत्री वसीम अहमद की पत्नी शमा वसीम को टिकट न मिलने पर दर्द छलक उठा। उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर छलने का आरोप लगाया है। गोपालपुर सीट से टिकट की दावेदारी कर रही पूर्व मंत्री शमा वसीम को समाजवादी पार्टी ने टिकट नहीं दिया। इस सीट से वर्तमान विधायक नफीस अहमद को पार्टी का टिकट मिला है।
वसीम अहमद के देहांत के बाद शमा वसीम इस सीट से टिकट मांग रही थीं। कहा कि उनके पति समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से थे और पार्टी के लिए उन्होंने बहुत कुछ किया। अस्वस्थता का हवाला देकर पिछले विधानसभा चुनाव में वसीम अहमद को टिकट नहीं दिया गया। गोपालपुर की जनता जो वसीम अहमद को हमेशा प्यार देती थी और मैं लोगों भावनाओं के अनुरूप निर्णय लूंगी।