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आजमगढ़ में युवक की हत्या: दोस्त ही निकला कातिल, बेहद मामूली सी बात पर ली जान, पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार

Thu, 27 Jan 2022 09:17 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

आजमगढ़ के मेंहनगर निवासी ओजस (18) सोमवार से लापता था। परिजनों ने अपहरण की आशंका जताते हुए गुमशुदगी दर्ज कराई। मंगलवार को ओजस का शव जमीन में दफन मिला। पुलिस ने इस हत्याकांड का 48 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया। ओजस के दोस्त ने ही वारदात को अंजाम दिया था। 
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आजमगढ़ एसपी अनुराग आर्य ने किया हत्याकांड का खुलासा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आजमगढ़ के मेंहनगर थाना क्षेत्र में मंगलवार को हुए कत्ल के आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। सोमवार से लापता युवक का शव मंगलवार को दफनाया हुआ मिला था।  परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। विवेचना में दोस्त द्वारा ही युवक की हत्या करने की बात प्रकाश में आई। बेहद मामूली सी बात में वारदात को अंजाम दिया गया।

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मृतक के मोबाइल की बरामदगी के दौरान हत्यारोपी पुलिस टीम पर फायर कर भागने लगा। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। मूलरूप से बलिया जिला के रहने वाले ओमप्रकाश राजभर मेंहनगर कस्बा में किराये के मकान में परिवार के साथ रहते हैं। वो यहां एक स्कूल में बतौर शिक्षक तैनात हैं।

उनका पुत्र ओजस (18) सोमवार को  लापता हो गया। परिजनों ने मेंहनगर थाने में अपहरण की आशंका जताते हुए गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने मंगलवार की देर रात ही ओजस का शव बरामद को बरामद कर लिया। इसके साथ ही विवेचना में इस यह बात भी सामने आ गई कि ओजस की हत्या उसके मित्र वतन सिंह उर्फ राजा पुत्र अशोक सिंह निवासी गौरा ने की है। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी कर लिया।
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हत्याकांड का दो दिन में खुलासा

26 जनवरी को पुलिस टीम हत्यारोपी वतन सिंह को लेकर मृतक के मोबाइल की बरामदगी में गई थी। इसी दौरान वतन सिंह ने पहले से छिपा कर रखे तमंचा से पुलिस टीम पर फायर कर दिया और भागने लगा। पुलिस ने भी जवाबी फायर किया तो गोली वतन के पैर में लगी।

इसके बाद पुलिस टीम ने उसे तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि घटना का दो दिनों में ही पुलिस ने खुलासा कर दिया है हत्यारोपी दोस्त का संबंधित धाराओं में चालान कर दिया गया है। घटना के पीछे कारण मृतक के परिजनों से पैसों की वसूली का प्रयास बताया जा रहा है। 

हत्या के मामले में सात को उम्रकैद

अपर सत्र न्यायाधीश बीडी भारती की अदालत ने हत्या के सात आरोपियों को दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक को 21-21 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। घटना कंधरापुर थाना के हरिहरपुर गांव की है। हरिहरपुर गांव निवासी पुजारी यादव ने स्थानीय थाने में 15 फरवरी 2015 को आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था।

मुकदमे के अनुसार गांव के जयमंगल यादव से पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश को लेकर घटना की सुबह लगभग सात बजे जयमंगल यादव पुत्र कन्हैया यादव,अशोक यादव उर्फ जंगली पुत्र कन्हैया यादव, रामसमुझ यादव पुत्र चंद्रदीप यादव, रमेश यादव पुत्र राम बचन यादव, अंबिका यादव पुत्र बुद्धू यादव, हरिश्चंद्र यादव पुत्र रामबचन यादव और हरिओम पुत्र चंद्रजीत यादव लाठी-डंडा और तमंचा से लैस होकर वादी मुकदमा पुजारी यादव के दरवाजे पर जान से मारने की नियत से चढ़ आए।

सभी हमलावरों ने पुजारी यादव के चाचा रामनाथ यादव को लाठी-डंडों से बुरी तरह मारने लगे। रामनाथ को बचाने जब संदीप और अरविंद मौके पर पहुंचे तो हमलावरों ने उन्हें भी बुरी तरह से मारा। इस हमले में चोट लगने से रामनाथ की मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में स्थानीय थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सभी सातों आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
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मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता जगदंबा पांडेय और विक्रम पटेल ने इस मुकदमे के वादी पुजारी यादव, संदीप यादव, आशा, अरविंद यादव, चंदन यादव, डॉ अनूप कुमार सिंह, डॉ ओम प्रकाश, डॉ केके बरनवाल, इंस्पेक्टर रमेश कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर दिनानाथ सिंह, इंस्पेक्टर अजीत कुमार सिंह, विपुल सिंह को बतौर साक्षी अदालत में पेश किया और तर्कों को रखा। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद आरोपियों को दोषी पाया और सजा का निर्धारण किया।
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