परिजनों ने प्राइवेट क्लीनिक संचालक द्वारा दी गई दवा को जब देखा तो वह एक्सपायर मिली। इसके बाद सोमवार की रात ही परिजन झोलाछाप के यहा पहुंच गए। उस समय वह मौके पर मौजूद नहीं था, बाद में परिजन शव लेकर घर चले गए।
जब झोलाछाप को घटना की जानकारी हुई है, तब से वह फरार है। मृतक के चाचा ने यह आरोप लगाया है लेकिन पुलिस को तहरीर देने के बजाए शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। इस बाबत एसओ बिलरियागंज धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। यदि तहरीर मिलती है तो मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।