आजमगढ़ के बिलरियागंज थाना अंतर्गत नरोत्तम ब्रह्म बाबा-बर्नापुर सरदहा मार्ग पर पुलिया के पास शारदा सहायक खंड-32 नहर रविवार की देर रात कट गई। नहर कटने से सैकड़ों एकड़ में लगीं फसलें डूब गईं। पानी कई गांवों के अंदर तक जा घुसा। सब्जी की खेती करने वाले किसानों का काफी नुकसान हुआ है। सूचना पर रात में ही सिंचाई विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कटे नहर के तटबंध को ठीक करने की कवायद में जुट गई।
शारदा सहायक खंड-32 नहर बिलरियागंज थाना क्षेत्र के भीमभर के पास से नरोत्तम ब्रह्म बाबा-बर्नापुर सरदहा मार्ग से गुजरी है। इसी मार्ग पर स्थित पुलिया के पास रविवार रात करीब 11 बजे अचानक नहर का तटबंध टूट गया। तटबंध टूटते ही आसपास के ग्रामों में पानी घुस गया तो वहीं सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गए।
आनन-फानन ग्रामीणों ने तटबंध को अपने स्तर से बांधने की कवायद भी शुरू कर दी। वहीं सूचना पर सिंचाई विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पूरी रात चली कवायद के बाद सिंचाई विभाग टूटे नहर तटबंध को ठीक करने में सफल हो सकी। सब्जी की खेती करने वाले किसानों का काफी नुकसान हुआ है। जिससे वे आक्रोशित हैं।
जलस्तर बढ़ने से 10 गांवों की 50 बस्तियां पानी में डूबीं
बैराजों से छोड़े गए पानी का असर सगड़ी तहसील के देवारांचल में दिखने लगा है। सगड़ी तहसील के 10 गांव के 50 बस्तियों में बाढ़ का पानी भर गया है। प्रभावित बाढ़ पीड़ितों को बाहर निकालने के लिए एसडीएम ने तैयारी पूरी कर ली है। राजस्वकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है।
कतरैनिया घाट से 147000 क्यूसेक और बनबसा से 94000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। सगड़ी तहसील क्षेत्र के के 10 गांव के 50 बस्तियां बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। घाघरा नदी की बाढ़ का पानी गांव में प्रवेश करने के साथ संपर्क मार्गों पर भी पानी बढ़ने लगा है। इससे ग्रामीणों को काफी दिक्कतें हो रही हैं।
ग्रामीण पानी के बीच से होकर गंतव्य की ओर निकल रहे हैं। वहीं कुछ ग्रामीण अपने निजी साधन से बाहर निकलने की कार्रवाई कर रहे हैं। लोग अपने निजी नाव से आवागमन कर रहे हैं। बाढ़ से प्रभावित गांव सेमरी, चक्की, हाजीपुर, देवारा खास राजा, मुराली का पुरवा, बासु का पुरवा, साधु का पुरवा, जागवली का पूरा, बाका बूढ़नपट्टी, साहडीह, सोनौरा, मानिकपुर आदि गांव पानी से घिरे हुए हैं। बरसात के पानी से प्राथमिक स्कूल परसिया डूबा हुआ है। गांगेपुर, बगहवा, बासु का पूरा में कटान हो रही है।
बगहवा गांव के लोग कटान से परेशान तो थे ही अब बाढ़ के पानी से भी परेशान होना शुरु हो गए हैं। बाढ प्रभावित गांव के लोगों को पशुओं के चारा के लिए समस्या हो रही है। पशुओं के चारा के लिए पानी से होकर कोसों दूर महुला गढ़वल बांध के दक्षिण जाना हो रहा है। कुछ लोग अपने पशुओं को लेकर सुरक्षित स्थान की और चले गए। पशुओं के चारा का कोई व्यवस्था अभी तक नहीं हो पाई है।