उमेश पाल की हत्या का सीसीटीवी फुटेज।
- फोटो : अमर उजाला।
बीते 24 फरवरी को प्रयागराज में राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में उमेश पाल के सुरक्षा में तैनात रहे जिले के अहरौला थाना अंतर्गत विसईपुर गांव निवासी सिपाही संदीप निषाद की भी मौत हो गई थी। संदीप की मौत के बाद से ही उनका पूरा परिवार माफिया अतीक व उसके गुर्गो के साथ ही परिवार के खात्मे की मांग शासन-प्रशासन ने कर रहा था। दो दिनों पूर्व झांसी में अतीक के पुत्र असद व एक शूटर की मुठभेड़ में मारे जाने की सूचना मिलने पर शहीद सिपाही के परिजनों ने खुशी जतायी थी और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया था।
यह भी पढ़ें- Atiq Ahmed shot dead: अतीक-अशरफ की हत्या के बाद वाराणसी में हाई अलर्ट, देर रात तक ऐसा था जिले का माहौल
वहीं शनिवार की रात माफिया अतीक व उसके भाई अशरफ की तीन युवकों ने उस समय ताबड़तोड़ गोली मर कर हत्या कर दी जब दोनों को पुलिस मेडिकल के लिए लेकर अस्पताल पर पहुंची थी। असद के बाद अतीक व अशरफ के भी मारे जाने की सूचना पर मिलते ही शहीद सिपाही संदीप के परिजन खुशी से झूम उठे। शहीद सिपाही की मां समुद्रा देवी ने कहा कि अब कलेजे को ठंडक पहुंची है। आतंक का पर्याय बने अतीक व उसके भाई अशरफ भी मिट्टी में किल गए। संदीप के पिता संतराम निषाद ने कहा कि अब जा कर इंसाफ मिला है। बेटे की आत्मा को अब शांति मिल गई होगी। भाई प्रदीप का कहना था कि अभी जो भी बचे है उनका भी जल्द से जल्द खात्मा होना चाहिए। परिवार के साथ ही गांव के लोगों ने भी माफिया अतीक के अंत पर संतुष्टि जताया।