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जिला महिला अस्पताल में प्रसूता की आपरेशन के बाद मौत

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महिला अस्पताल में प्रसुता की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन और लोगों की भीड़। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। जिला महिला अस्पताल में डॉक्टर व कर्मियों की लापरवाही से प्रसूता की आपरेशन के बाद मौत हो गई। वही अस्पताल प्रशासन काफी देर तक मौत को छुपाता रहा और प्रसूता की हालत गंभीर बता उसे हॉयर सेंटर रेफर करने की बात कहता रहा। प्रसूता के मौत की पुष्टि होते ही परिजन आक्रोशित हो उठे और अस्पताल परिसर में जम कर हंगामा किया। आपरेशन करने वाली डॉक्टर पर आपरेशन के नाम पर चार हजार रुपये जमा कराने का परिजनों ने आरोप भी लगाया।
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जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के अलीयाबाद कटाई गांव निवासिनी 30 वर्षीया उर्मिला चौहान पत्नी तेजबहादुर को डिलेवरी होनी थी। प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे लेकर सोमवार को दिन में साढ़े बारह बजे जिला महिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉ. रश्मि ने उसे देखा और आपरेशन से डिलेवरी होने की बात कही। आपरेशन के लिए परिजनों से पांच हजार रुपये की डिमांड की गई। परिजनों ने तत्काल चार हजार रुपये डॉक्टर को दे दिया। इसके बाद डॉ. रश्मि ने 1.50 पर आपरेशन कर डिलेवरी कराई। उर्मिला ने लड़के को जन्म दिया। इसके बाद डॉक्टर ने एक हजार शेष राशि परिजनों से जमा करने को कहीं तो वहीं नर्स व अन्य कर्मी लड़का होने पर पैसा मांगने लगे। उर्मिला के परिजनों के पास पैसा नहीं था, जिसके चलते वे पैसा नहीं दे सके तो लापरवाही की जाने लगी। उर्मिला को अचानक तेज दर्द होने लगा तो डॉक्टर व स्टाफ नदारद मिले। आपरेशन थियेटर में ही वह तड़पती रही। बाद में अस्पताल कर्मियों ने उसे आक्सीजन लगा दिया तो कुछ राहत हुई लेकिन कुछ ही देर बार आक्सीन चलाया गया और फिर बंद हो गया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन उर्मिला के मौत को छुपाते हुए हालत गंभीर बता परिजनों से उसे कहीं और ले जाने की बात कहने लगे। इसके लिए उन्हें रेफर पर्ची भी बना कर दे दिया गया। परिजन देर शाम सात बजे उर्मिला को जब आपरेशन थियेटर से नीचे लाए तो उन्हें ज्ञात हुआ कि वह मर चुकी है। इसके बाद परिजन अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिए। सूचना पर शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित परिवार की शिकायत दर्ज किया। समाचार लिखे जाने तक अस्पताल में हंगामा जारी था और अस्पताल स्टाफ व डॉक्टर मौके से नदारद थे।
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