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गुलशन कुमार हत्याकांडः आजमगढ़ में निर्मित अवैध तमंचे से हुई थी कैसेट किंग की हत्या, लिखा था- मेड इन बम्हौर

Thu, 01 Jul 2021 03:32 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

 कैसेट किंग गुलशन कुमार की हत्या 12 अगस्त 1997 में मुंबई के जुहू इलाके में गोली मार कर की गई थी। हत्याकांड में प्रयुक्त असलहा बरामद होने पर आजमगढ़ जिले का नाम सुर्खियों में आ गया था।
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कैसेट किंग गुलशन कुमार - फोटो : फाइल
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के जिले का नाम एक बार फिर सुर्खियों में आया है। इसका कारण कैसेट किंग गुलशन कुमार की हत्या में प्रयुक्त तमंचा है। दो दशक के बाद बांबे हाईकोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले में यह बताया गया है कि जिस असलहे से हत्या हुई थी वह आजमगढ़ जिले का था। 

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कैसेट किंग गुलशन कुमार की हत्या 12 अगस्त 1997 में मुंबई के जुहू इलाके में गोली मार कर की गई थी। हत्याकांड में प्रयुक्त असलहा बरामद होने पर जिले का नाम सुर्खियों में आ गया था। क्योंकि असलहे पर मेड इन बम्हौर लिखा हुआ था। जिसे बम्हौर की तलाश करते हुए मुंबई पुलिस जिले में भी आई थी।

बृहस्पतिवार को दो दशक बाद गुलशन कुमार हत्याकांड में बांबे हाईकोर्ट का फैसला आया। इस फैसले में भी तमंचे का जिक्र है। फैसले में साफ-साफ लिखा हुआ है कि जिस तमंचे से गुलशन कुमार की हत्या हुई वह आजमगढ़ से हत्यारों को उपलब्ध कराया गया था। उस पर मेड इन बम्हौर लिखा हुआ है। बम्हौर आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र का एक गांव है।

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दो दशक पूर्व तक वास्तव में यह इलाका अवैध असलहा का बड़ा कारखाना हुआ करता था। तमसा नदी तट के किनारे कई अवैध असलहा कारोबारी अवैध रुप से असलहा बनाते व बेचते थे। वर्तमान में बम्हौर गांव में अवैध असलहा बनाने की फैक्ट्री तो बंद हो चुकी है। लेकिन दो दशक पूर्व इसी बम्हौर में निर्मित असलहे से कैसेट किंग की हत्या के बाद और अब गुलशन कुमार हत्याकांड में बांबे कोर्ट का फैसला आने पर जिला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
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बम्हौर के देवनाथ द्वारा बनाया गया था असलहा

गुलशन कुमार हत्याकांड में प्रयुक्त असलहे पर मेड इन बम्हौर लिखा हुआ था। बम्हौर को खोजते-खोजते मुंबई पुलिस जिले तक गुलशन कुमार हत्याकांड के तार जोड़ने आजमगढ़ तक आ गई थी। खोजबीन में पता चला था कि कानपुर की फील्ड गन फैक्ट्री में बम्हौर निवासी देवनाथ काम करता था।

गन फक्ट्री की नौकरी छोड़ने के बाद वह बम्हौर लौट आया था और यहीं अवैध असलहे का कारोबार शुरू कर दिया था। जिस तमंचे से कैसेट किंग की हत्या हुई उसे देवनाथ ने ही बनाया था और उस पर मेड इन बम्हौर लिख कर उसकी हत्यारों को सप्लाई किया था। गुलशन कुमार हत्याकांड में देवनाथ द्वारा बनाया गया तमंचा ही एक तार के रूप में जुड़ा। 
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