आजमगढ़। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का प्रभाव कम होने के बाद हुए अनलॉक में अब सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों और फरियादियों की तादाद धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन कर्मचारी समय से दफ्तर नहीं पहुंच रहे हैं। अधिकांश कर्मचारियों की कुर्सियां खाली मिली। इससे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ ऐसा ही नजारा बृहस्पतिवार को जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में नजर आया। कार्यालय में कई सीटों पर कर्मचारी नदारद रहे।
एक जून से जिले में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही फरियादियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने का फरमान जारी किया गया है। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा। इस क्रम में बृहस्पतिवार को दिन में करीब तीन बजे टीम जिला समाज कल्याण कार्यालय पहुंची। टीम कार्यालय में घुसी तो कोविड-19 हेल्प डेस्क पर कोई कर्मचारी नहीं मिला। कोविड हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारी दूसरी सीट पर बैठकर मोबाइल चला रहा था। इसके बाद टीम आगे बढ़ी तो बाबू समेत अन्य कर्मचारियों की कुर्सी खाली मिली। वहां मौजूद कर्मचारी से पूछा गया कि संबंधित कर्मचारी कहां गए हैं तो वह बता नहीं सकें।
इसके बाद टीम आगे बढ़ी तो कंप्यूटर कक्ष में बैठे कर्मचारी आपस में गप्पे लड़ा रहे थे। वहीं जिला समाज कल्याण अधिकारी के कक्ष में कनिष्ठ सहायक अबूसाद अंसारी एक व्यक्ति से बैठकर बातचीत कर रहे थे। जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने बताया कि समाज कल्याण अधिकारी अवकाश पर हैं। बाबा आलोक मिश्रा कहीं गए हैं अभी आएंगे। वहीं बाकी अन्य लोगों के बारे में कुछ नहीं बता सके। वहीं काम लेकर आए लोग बाहर खड़े होकर पटल के कर्मचारियों का इंतजार कर रहे थे।